गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार चुनाव लड़ने वालों के किस्मत का फैसला 26 लाख 50 हजार से अधिक मतदाता करेंगे। वर्ष 2015 के निर्वाचन में 24 लाख मतदाता पंचायत प्रतिनिधियों के किस्मत का फैसला करने के लिए थे। इस बार करीब ढाई लाख अधिक मतदाता सूची में होने की उम्मीद है। पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य जोर शोर से शुरू करने के लिए 15 सितंबर के बाद शुरू होना तय है। पंचायत निर्वाचन कार्यालय पुनरीक्षण की तैयारी में जुटा है और 15 से पहले तैयारी पूरी कर लेगा। निर्वाचन विभाग की मानें तो इस बार ढाई लाख वोटर बढ़ेंगे। इसके अलावा इस बार मतदान अधिक हो इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
अभी जिले की 1054 पंचायतों की वोटर लिस्ट में 24 लाख वोटर हैं इनमें करीब 13 लाख मतदाताओं ने वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव मे मताधिकार का प्रयोग किया था। वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण से 26.50 लाख मतदाता होंगे और वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू होंगे। जिले में मतदाता सूची की जांच करने और नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए दो हजार के करीब कर्मचारियों को लगाया जाएगा। जिसमें 1800 बूथों पर बूथ लेवल अधिकारी लगाए जा रहे हैं, इसके साथ ही करीब 200 पर्यवेक्षणीय अधिकारी रहेंगे। तहसील स्तर पर निर्वाचन नामावलियों के रजिस्ट्रीकरण का कार्य होगा।
एसडीएम की देखरेख में सूची का पुनरीक्षण कार्य होगा। पुनरीक्षण 01 अक्तूबर से शुरू होने की उम्मीद है और इसके लिए बीएलओ व अधिकारियों की सूची अपडेट कराई जा रही है। तीन तहसीलों के बीएलओ के फीडिंग का कार्य पूरा हो चुका है। सदर तहसील का कार्य भी पूरा होने की ओर है। नए मतदाता में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लोगों को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा छूटे हुए लोगों को भी मतदाता बनाया जाएगा। इस समय लॉकडाउन के दौरान जिले में वापस आए कई प्रवासी भी पंचायत सूची में मतदाता बनेंगे, क्योंकि बाहर होने से काफी लोग छूट गए थे। ऐसे में नए वोटरों की संख्या ढाई लाख अधिक होने का अनुमान है। हर साल पंचायत की सूची में 10 फीसदी नए मतदाता जुड़ते हैं।
किट के साथ वोटर बनाने मैदान में उतरेंगे बीएलओ
पंचायत सूची की मतदाता सूची का पुनरीक्षण करने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे। इसके लिए निर्वाचन विभाग बीएलओ किट तैयार करा रहे हैं, जो बीएलओ को प्रशिक्षण के दौरान मिलेगा। मतदाताओं को नाम जुड़वाने और नाम हटवाने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए बीएलओ को किट में सारी सामग्री मिलेगी। स्टेशनरी के साथ ही फार्म और पुनरीक्षण के निर्देशन की पुस्तिका मिलेगी। बीएलओ 1800 बूथों पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करेंगे और वोटर बनाएंगे।
सफाई कर्मी, शिक्षामित्र व आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता निभाएंगे जिम्मेदारी
पंचायतों की मतदाता सूची तैयार करने में सफाई कर्मी, शिक्षामित्र और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता प्रमुख भूमिका निभाएंगे। सबसे अधिक सफाई कर्मियों को बीएलओ बनाया जा रहा है। जिले में 1799 सफाई कर्मी हैं, इसमें से ज्यादातर सफाईकर्मी बीएलओ बनेंगे। इसके अलावा तीन हजार के करीब शिक्षामित्र हैं और इतने ही आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता हैं। निर्वाचन विभाग इन कर्मियों में से ही बीएलओ तैयार किए जा रहे हैं।
तय समय पर होगा पुनरीक्षण
पंचायत सूची के संभावित पुनरीक्षण के लिए तैयारी की जा रही है। बीएलओ की सूची तैयार हो रही है। तय समय तक कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। आयोग के निर्देश पर पुनरीक्षण शुरू हो जाएगा। -राकेश सिंह, एडीएम, प्रभारी पंचायत निर्वाचन