गोंडा। करनैलगंज के धौरहरा बरगदी कोट गांंव का रहने वाला फूलों का व्यापारी अर्जुन राजपूत सूदखोरों से परेशान होकर खुदकुशी करना चाहता था। मगर हिम्मत नहीं जुटा पाया। इसके बाद सूदखोरों से पीछा छुड़ाने के लिए उसने अपने अपहरण की साजिश रची थी। तलाश में जुटी पुलिस टीम ने शुक्रवार को उसे उत्तराखंड के हरिद्वार से बरामद कर लिया।
गांव के चंद्रिका प्रसाद ने 25 जुलाई को पुलिस को सूचना दी कि उनका बेटा अर्जुन राजपूत फूलों की खेती के साथ ही फूलों का थोक व्यवसायी है। वह 24 जुलाई की शाम धौरहरा चौराहे पर गया था। तब से घर नहीं लौटा। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी। इसी बीच अर्जुन के मोबाइल नंबर से उसके चचेरे भाई राकेश के मोबाइल पर कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने अर्जुन के अपहरण की जानकारी देते हुए 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। चंद्रिका ने पुलिस को जानकारी दी। इस पर पुलिस ने अपहरण के प्रयास का केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी। अर्जुन की लोकेशन लखनऊ में मिलने पर पुलिस टीम वहां रवाना हुई थी। इसके बाद पुलिस लोकेशन के आधार पर उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंच गई।
कांवड़ियों का वेश धारण कर तलाश में जुटी पुलिस टीम को हरिद्वार में अर्जुन मिल गया। पूछताछ में अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उसने पांच साल पहले पांच फीसदी ब्याज पर सूदखोरों से 31 लाख 20 हजार रुपये कर्ज लिया था। जिसके ब्याज की रकम बढ़ती जा रही थी। व्यापार में घाटा होने के कारण वह रुपये नहीं दे पा रहा था। इसलिए वह खुदकुशी करना चाहता था। मगर ऐसा नहीं कर सका। इधर ब्याज की रकम के साथ ही मूलधन वापस करने के लिए सूदखोर दबाव बना रहे थे। तब सूदखोरों से छुटकारा पाने के लिए उसने अपने अपहरण की साजिश रची थी।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि अर्जुन ने पहले आवाज बदलकर घर वालों को अपने अपहरण की जानकारी दी। इसके बाद 70 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। किसी को शक न हो इसलिए हरिद्वार में एक युवक को 100 रुपये देकर उससे परिवार वालों को दोबारा फोन कराकर फिरौती की रकम की मांग की थी। फिलहाल अर्जुन सही सलामत मिल गया है।
अर्जुन मामले में अभियोजन से लेंगे विधिक राय
एसपी ने बताया कि अपहरण जैसे गंभीर मामले में पुलिस टीमें बेहद सूझबूझ से काम कर रही थीं। हर तरह की आशंका को लेकर टीमें सतर्क थीं। अर्जुन के सही सलामत मिलने से राहत मिली है। बताया कि अर्जुन के मामले में अभियोजन अधिकारियों से विधिक राय ली जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।