गोंडा। शहर के फातिमा स्कूल में पहुंचा तेंदुआ आखिरकार पकड़ में आ गया है। वन विभाग की टीम ने दसवें दिन पिंजड़े के कैद होने के बाद उसे ट्रैंकुलाइज (खास तरह की गन से बेहोशी का इंजेक्शन लगाना) किया। तेंदुए के स्कूल परिसर में आने से शनिवार को पूरी तरह से पढ़ाई बंद कर दी गई थी। वन विभाग की टीम उसे पकड़ने के लिए कई दिन से अभियान चला रही थी।
बीते 17 जुलाई को तेंदुआ शहर के फातिमा स्कूल में पहुंच गया था। उसने स्कूल में छोटे बच्चों के खेलने के लिए बने एलबर्ट ब्लॉक में ठिकाना बना लिया था। इससे छोटे बच्चों की पढ़ाई दो घंटे पहले ही बंद कर दी जाती थी। वन विभाग ने पहले उसे फिशिंग कैट बताकर गंभीरता नहीं दिखाई। बाद में स्कूल प्रबंधन ने डीएम को जानकारी दी। डीएम के कड़े रुख के बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने निगरानी शुरू की।
डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि तेंदुए ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। उसे पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया गया था। शुक्रवार को स्कूल परिसर के बगल में खाली पड़े एक मकान में तेंदुआ दिखने के बाद शनिवार को स्कूल में छुट्टी कर दी गई थी। तेंदुए को ट्रैंकुलाइज करने के लिए टीम भी लगाई गई थी। स्कूल परिसर में लगाए गए पिंजड़े में शनिवार को तेंदुआ फंस गया। इसके बाद उसे ट्रैंकुलाइज कर बेहोश किया गया। वन विभाग की टीम उसे ले गई है। डीएम ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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होश आते ही दहाड़ा
पिंजड़े में कैद होने के कुछ देर बाद तेंदुआ होश में आया। पहले तो वह सुस्त रहा। फिर थोड़ी देर बाद पूरे शरीर को झटका और दहाड़ने लगा। पिंजड़े से आजाद होने के लिए काफी मशक्कत की। वनकर्मियों ने उसे पानी से भिगोकर शांत कराया लेकिन वह पिंजड़े से निकलने के लिए परेशान दिखा। माना जा रहा है कि कुआनो या टिकरी जंगल से निकलकर तेंदुआ शहर में आ गया था।
डीएम आवास में भी डेढ़ साल मेहमान रह चुका है तेंदुआ
साल 2021 में सिविल लाइंस स्थित जिलाधिकारी आवास में भी तेंदुआ पहुंच गया था। 25 अक्तूबर 2022 को तेंदुआ पकड़ा जा सका था। उस समय कई बार तेंदुआ सीसीटीवी कैमरों में उछल-कूद करते दिखा था। इसके बाद कतर्नियाघाट और बरेली से विशेषज्ञ बुलाए गए। लंबी कवायद के बाद डीएम आवास से तेंदुआ पकड़ में आने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली थी।