गोंडा। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन और विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह की पहल पर भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) प्रयागराज की ओर से आगामी 19 सितंबर को जिला पंचायत सभागार में वृक्ष उत्पादक मेला आयोजित किया जाएगा। इसमें देवीपाटन मंडल के किसानों को कृषि वानिकी के महत्व और संभावनाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के 16 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा, जिनमें से 11 किसान देवीपाटन मंडल से होंगे।
देश की 16.4 प्रतिशत आबादी उत्तर प्रदेश में रहती है, लेकिन यहां वन और वृक्ष आच्छादन केवल 9.32 प्रतिशत है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि विश्व की 95 प्रतिशत इमारती लकड़ी (सागौन) अकेले एशिया में है और उसमें से भी एक तिहाई से अधिक भारत में उपलब्ध है। इसके बावजूद देश को इमारती लकड़ी का आयात करना पड़ता है। यह मेला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि वानिकी को प्रोत्साहित कर देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किया जा रहा प्रयास है।
मेले के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह किसानों को सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे। वानिकी विशेषज्ञ मेले में किसानों को नई तकनीकों और अवसरों के बारे में बताएंगे। साथ ही नुक्कड़ नाटक, जादू शो, कठपुतली शो और गायन आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। मंडल में पहली बार लगने जा रहे वृक्ष उत्पादक मेले में विभिन्न संस्थाएं प्रदर्शनी भी लगाएंगी। यह मेला किसानों को वानिकी तकनीक की जानकारी देने, अनुभव साझा करने और कृषि वानिकी के जरिए अतिरिक्त आय के अवसर तलाशने का मंच बनेगा। गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती जिलों के किसानों को इससे विशेष लाभ मिलेगा।
देवीपाटन मंडल के सम्मानित होने वाले किसान
ओमप्रकाश मिश्र, प्रवीण कुमार सिंह, बेचन मौर्य, राकेश कुमार मौर्य, संतोष कुमार मिश्र, जगतराम प्रजापति, राजेंद्र पांडेय, रामछवि मौर्य, राज सिंह (सभी गोंडा) तथा जनकराम वर्मा और रमेश कुमार चौहान (बलरामपुर)।
यूपी के अन्य जिलों से सम्मानित होने वाले किसान
यदुनंदन सिंह पुजारी (लखीमपुर खीरी), उत्कृष्ट पांडेय (प्रतापगढ़), राम भजन राय (गाजीपुर), अरविंद सिंह (पीलीभीत) और राजेंद्र प्रसाद वर्मा (अयोध्या)।