गोंडा। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की ओर से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यशाला हुई। इसमें एक्शन प्लान तैयार किया गया। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने एड्स उन्मूलन के लिए 18 विभागों की जिम्मेदारी तय की। साथ ही ट्रांसजेंडर ने लोगों को जागरूक करने की बात कही।
डीएम ने कहा कि एड्स लाइलाज बीमारी है, लेकिन इसकी दवा लेकर मरीज लंबे समय तक अपना जीवन जी सकते हैं। जिन्हें भेदभाव रहित जीवन जीने की प्रेरणा देने तथा दवा को लेकर जागरूक करने के लिए सभी 18 विभाग अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। स्वास्थ्य विभाग आशा बहू, एएनएम व सीएचओ के माध्यम से एड्स को लेकर जागरूक लोगों को जागरूक करेंगे। बाल विकास पुष्टाहार विभाग के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका भी लोगों को जागरूक करेंगी। पुलिस विभाग, समाज कल्याण, खाद्यपूर्ति, बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभाग सहित 18 विभाग सहयोग करेंगे।
इस दौरान ट्रांसजेंडर (किन्नर) समाज के लोगों के साथ बैठक कर उनसे भी सहयोग मांगा गया। जिसमें घर घर जाकर इस कार्यक्रम के तहत सभी (विशेषकर गर्भवती महिलाओं) को संस्थागत प्रसव एवं एचआईवी जांच के लिए प्रेरित करने में सहयोग करने का निर्णय लिया। लोगों ने एड्स जागरूकता की शपथ ली। इस दौरान सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, एसीएमओ डॉ. जयगोविंद, डॉ. सीके वर्मा, एड्स नियंत्रण सोसायटी की शीबा खान, समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी, डीपीओ मनोज मौर्य, बीएसए अतुल तिवारी, कार्यक्रम समन्वयक विवेक सरन, जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक डॉ. आरपी सिंह, दिशा यूनिट के सीपीएम विजयकांत शुक्ल, सीएसओ आयुष शरन, प्रशांत श्रीवास्तव आदि रहे।