गोंडा। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा और आपूर्ति बेहतर करने को लेकर पहल की है। ओवरलोड होकर खराब होने से ट्रांसफार्मरों को बचाने के लिए विशेष सुरक्षा डिवाइस लगाई जा रही है। इससे ओवरलोड होने पर ट्रांसफार्मरों को खराब होने से बचाया जा सकेगा। इस डिवाइस से विद्युत वितरण निगम को ट्रांसफार्मरों की मरम्मत पर करोड़ों रुपये के खर्च से निजात मिलेगी।
देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता एमपी सिंह ने बताया कि गर्मी के दिनों में ओवरलोडिंग और तार जलने के कारण ट्रांसफार्मरों को खराब होने से बचाने के लिए काम शुरू हो गया है। जिले में सभी प्रकार के ट्रांसफार्मरों में एचटी और एलटी प्रोटेक्शन डिवाइस लगाई जा रही है। डिवाइस के लगने से ट्रांसफार्मरों को ओवरलोडिंग, खराब होने और तार जलने की समस्या से बचाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के ट्रांसफार्मरों में प्रोटेक्शन डिवाइस लगाने का काम तेजी से कराया जाएगा।
ओवरलोडिंग और शॉर्ट सर्किट की वजह से अक्सर ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं। इससे उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ता है। खासकर गर्मियों में लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर फुंकने और खराब होने की समस्या बढ़ जाती है। इससे निजात के लिए अब विभाग ट्रांसफार्मरों पर टेल लेस फ्यूज यूनिट लगा रहा है। इसके माध्यम से ट्रांसफार्मर को फाल्ट और फुंकने से बचाया जा सकेगा।
डिवाइस से होने वाले फायदे
- फ्यूज सेट के जलने पर कर्मचारी एक घंटे के अंदर बदल देगा।
- यह ट्रांसफार्मर को फ्यूज के बिना चलने व आग से भी बचाएगी।
- ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग होने पर भी सुरक्षित रहेगा।
- बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना कम होगी।
- विभाग को होने वाले आर्थिक नुकसान पर अंकुश लगेगा।