गोंडा। 1.08 करोड़ रुपये से अधिक की कथित निवेश ठगी के मामले में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। विवेचना अब केवल नामजद पांच आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश की रकम किन-किन खातों से होकर गुजरी, किसे लाभ मिला और पूरे नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका रही, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने तीन बैंकों से खातों के लेनदेन का विस्तृत ब्योरा मांगा है। बैंक स्टेटमेंट, डिजिटल ट्रांजेक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल, ऑनलाइन भुगतान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आए वित्तीय लेनदेन का सत्यापन बैंक रिकॉर्ड से कराया जा रहा है।
जांच एजेंसी के अनुसार बैंक रिकॉर्ड से निवेश की रकम की वास्तविक आवाजाही स्पष्ट हो सकेगी। एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय ने कहा कि पुलिस हर बिंदु की जांच कर रही है। उधर, एफआईआर के बाद आरोपी राहुल सिंह चौहान ने मामले को राजनीतिक साजिश बताया है। सूत्रों के मुताबिक वह राजनीतिक स्तर पर भी समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।