करनैलगंज के पारा गांव में जमीन की कटान करती सरयू नदी। - संवाद
गोंडा। सरयू नदी की कटान की जद में आए ढेमवा घाट तक का मार्ग अब जोखिम भरा हो गया है। सड़क को काटकर नदी पुल से टकरा रही है। ऐसे में पुल में भी कटान बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है। अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी ने सोमवार को ढेमवा घाट पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने ढेमवा घाट मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद करने का निर्देश दिया।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ व कटान स्थिति में सुधार होने तक इधर कोई आवागमन न हो। उन्होंने नवाबगंज के दत्तनगर स्थित ढेमवा घाट पुल के निकट हो रही कटान व बाढ़ की स्थिति का भी जायजा लिया। इस दौरान उपजिलाधिकारी तरबगंज भरत भार्गव समेत सेतु निगम व पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों को देखते ही गांव के लोग भी जुट गए। कटी हुई सड़क व बाढ़ का पानी भरा होने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर साइकिल, दोपहिया वाहन व नाव से आते-जाते दिखे। इस पर एडीएम में नाराजगी जताई। एसडीएम व हल्का लेखपाल को मार्ग से पूरी तरह आवागमन बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दोनों तरफ दीवार उठाकर या बोल्डर डलवाकर मार्ग अवरुद्ध करने को कहा। वहीं, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगो ने सरकारी नाव चलवाने की मांग की। गांव के दिलीप सिंह ने कहा की आवागमन पूरी तरह बंद होने से लोगों के व्यापार, नौकरी आदि को लेकर परेशानी होगी। कुछ लोगों का मकान भी दूसरी तरफ है। ऐसे में आवागमन बंद होने से उस पार अपने घर नहीं जा सकेंगे। इस पर अधिकारियों ने साफ कहा कि इस समय परिस्थितियों को देखते हुए इस मार्ग पर आवागमन की अनुमति नहीं दे सकते।
गांव के राघवेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने एडीएम के समक्ष पिछले वर्ष बाढ़ में कटी सड़क की पटान के लिए लोगों के खेत से मिट्टी निकाले जाने की शिकायत की। बतया कि मिट्टी का अब तक मुआवजा भी नहीं मिला। इस पर एडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मौके पर लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजाराम यादव, प्रमोद सिंह, अनिल सिंह, अरविंद सिंह आदि मौजूद रहे।