गोंडा। स्वच्छ भारत मिशन और पंचायतीराज विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए किए गए निरीक्षण में सामुदायिक शौचालयों पर ताले पड़े होने के साथ ग्राम सचिवालय भी बंद मिले। स्वच्छता अभियान भी कागजों पर संचालित मिला। घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था पूरी तरह ठप मिली। अनियमितताओं पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने पंडरीकृपाल और मुजेहना ब्लॉक के 13 पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
निरीक्षण के दौरान पंडरीकृपाल ब्लॉक के अधिकांश सामुदायिक शौचालयों में साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली। कई जगह केयरटेकर ने समय से मानदेय न मिलने की शिकायत की। पंचायत सचिवालय निर्धारित समय पर नहीं खुल रहे थे और पंचायत सहायकों की नियमित उपस्थिति भी नहीं मिली। इसके चलते ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, पेंशन सहित अन्य सरकारी कार्यों के लिए परेशान उठाना पड़ रही है। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए बनाए गए आरआरसी सेंटर कई ग्राम पंचायतों में निष्क्रिय मिले। कई पंचायतों में ई रिक्शा संचालित न होने से घरों से कूड़ा उठान का कार्य भी बंद मिला।
डीपीआरओ ने सभी संबंधित सचिवों को एक सप्ताह के भीतर सामुदायिक शौचालय, पंचायत सचिवालय, आरआरसी सेंटर और कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को दुरुस्त कर फोटो एवं वीडियो साक्ष्य के साथ रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देशित किया है। साथ ही चेताया है कि शासन की प्राथमिकता में शामिल इन योजनाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
पंडरीकृपाल ब्लॉक के 11 सचिवों को नोटिस
पंडरीकृपाल ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी अंकित वर्मा, सुनील यादव, राहुल चंद्रा तथा ग्राम पंचायत अधिकारी सुभाष चंद्र पांडेय, सज्जाद खान, विनय कुमार भारती, सरिता शुक्ला, नीलू सिंह, आलोक कुमार सिंह, रजनीश कुमार और अवधेश कुमार पांडेय से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसी तरह मुजेहना ब्लॉक के दुर्जनपुर के ग्राम विकास अधिकारी सत्यजीत और डेबरी कलां के ग्राम विकास अधिकारी रामगोपाल को भी नोटिस जारी किया गया है।