गोंडा। जिले के 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में सौर ऊर्जा आधारित बिजली व्यवस्था विकसित की जाएगी। बिजली संकट से निपटने के लिए प्रत्येक सीएचसी में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएचसी की आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की है।
योजना के तहत प्रत्येक सीएचसी में 25 केवी क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया जाएगा। न्यू बॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट (एनबीएसयू) की मशीनों के संचालन के लिए पांच केवी का अलग सोलर सिस्टम लगेगा। अस्पताल परिसरों में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए करीब 300 मीटर नाली निर्माण, आवास तक पहुंचने के लिए लगभग एक हजार मीटर इंटरलॉकिंग, सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत और प्रत्येक सीएचसी में एक नए शौचालय के निर्माण का प्रस्ताव है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के जर्जर आवासों की मरम्मत भी कराई जाएगी।
मरीजों की सुविधा के लिए 20 तीन-सीटर बेंच, पांच पंखे और एक वाटर कूलर लगाए जाएंगे। मुख्य प्रवेश द्वार की मरम्मत के साथ सुरक्षा के लिए गार्ड केबिन बनाया जाएगा। भवन के अंदर और बाहर पेंटिंग, प्रत्येक सीएचसी में तीन सोलर चार्जिंग लाइट, भवन परिसर में नए टाइल्स लगाने तथा प्रसव कक्ष और न्यू बॉर्न केयर यूनिट में तापमान नियंत्रण के लिए दो-दो एसी लगाने का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की आवश्यकताओं का आकलन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। स्वीकृति मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से कार्य शुरू कराया जाएगा।