जानलेवा हमले के एक मामले में अदालत में साक्ष्य के लिए प्रस्तुत न होने पर अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ संजय कुमार शुक्ल ने साक्षी उपनिरीक्षक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को आदेश दिए हैं।
अदालत ने साक्षी दरोगा का वेतन रोकने के साथ ही आदेश की प्रतिलिपि सूबे के गृह सचिव, डीजीपी, कोषागार बलरामपुर व डीआईजी देवीपाटन मंडल को कार्रवाई के लिए भेजने के आदेश दिए हैं।
उमरीबेगमगंज थाने में वर्ष 2011 के सरकार बनाम हीरालाल के जानलेवा हमले के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ की अदालत में लंबित मुकदमे में सभी गवाहों के बयान होने के बाद साक्षी उपनिरीक्षक अखिलानंद उपाध्याय बयान देने अदालत नहीं पहुंचे।
अदालत ने उपनिरीक्षक को समन, जमानतीय वारंट भेजा, मगर उपनिरीक्षक साक्ष्य अंकित कराने नहीं आए। अपर सत्र न्यायाधीश ने दरोगा के अदालत में पेश न होने को अवमानना करार देते हुए दरोगा का अगस्त से वेतन रोकने के साथ ही दरोगा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर साक्षी दरोगा को गिरफ्तार कर 19 अगस्त को अदालत में पेश करने के पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को आदेश दिए हैं।
अदालत ने आदेश की प्रतिलिपि सूबे के गृह सचिव, डीजीपी, कोषागार बलरामपुर व डीआईजी देवीपाटन मंडल को कार्रवाई के लिए भेजने के आदेश दिए हैं।