खरीफ सीजन में किसानों को घटिया व अमानक बीज बेचे जाने के मामले में बीज की आपूर्ति करने वाली कंपनी व उसके जिम्मेदारों पर पुलिस की कार्रवाई का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस घटिया बीज दिए जाने के मामले में पायनियर सीड्स कंपनी के जिम्मेदारों के खिलाफ दर्ज मामले की विवेचना के आखिरी दौर में पहुंच चुकी है। वह जल्द ही इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी।
किसानों को धान के संकर प्रजाति के घटिया बीज की आपूर्ति करने के मामले में जिला कृषि अधिकारी ने दो माह पहले पायनियर बीज कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।
घटिया बीज होने से किसानों को तगड़ा झटका लगा। वहीं इस मामले में दर्ज रिपोर्ट की विवेचना कर रहे आईओ रतन कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को कृषि विभाग पहुंच कर बीज के लिए गए नमूने व जांच रिपोर्ट की पत्रावली हासिल की। इसके अलावा बीज वितरण के बाबत जानकारी ली।
इस मामले में आईओ की ओर से तेजी से विवेचना किये जाने से मामले में कंपनी पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है।
आईओ ने बताया कि यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। ऐसे में उन्हें पूरी जानकारी लेने के बाद हाईकोर्ट में भी जवाब दाखिल करना है। उन्होंने बताया कि विवेचना लगभग पूरी है। जल्द ही इस मामले में कोर्ट के समक्ष चार्जशीट प्रस्तुत की जाएगी।
किसानों को घटिया बीज की सप्लाई करने वाली बीज कंपनी के जिम्मेदार केस दर्ज हो जाने के बाद कार्रवाई के डर से हाईकोर्ट की शरण में चले गए हैं।
इस मामले में हाईकोर्ट ने दो सप्ताह में पुलिस से जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए मामले के आईओ ने कृषि विभाग के बीज वितरण व बीज नियंत्रण अधिनियम के बाबत गुरुवार को जानकारी ली।
मामले की विवेचना कर रहे आईओ रतन कुमार पाण्डेय का कहना है कि कंपनी के लोग मामले में हाईकोर्ट चले गए हैं। इस मामले में हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए सबूत व प्रपत्र जुटाए जा रहे हैं।
घटिया बीज बिक्री किये जाने के मामले में दर्ज हुए प्रकरण में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अलावा आईपीसी की कई धाराओं को शामिल करने के साथ विवेचना की जा रही है।
कंपनी के लोगों ने कार्रवाई के डर से हाईकोर्ट में रिट दाखिल की है। हाईकोर्ट ने इस मामले में जवाब मांगा है। विवेचना प्रगति पर है। बीज कंपनी के जिम्मेदारों के खिलाफ चार्जशीट तैयार की जा रही है।
हैदराबाद की पायनियर बीज कंपनी के खिलाफ दर्ज मामले की पुलिस विवेचना कर रही है। मामले के विवेचक को जांच के लिए विभाग की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है। आईओ ने कुछ जानकारी ली है।