जिले में मंगलवार की शाम मौसम ने ऐसा करवट लिया कि अचानक आए चक्रवाती तूफान से लोग सहम गए। तूफान से बचने के लिए लोग घरों और प्रतिष्ठानों में दुबके रहे। वहीं, राहगीर तूफान से बचने के लिए सहारा ढूंढते रहे। तूफान के कारण पेड़ गिरने से एक किसान की उसके नीचे दबकर मौत हो गई, जबकि दीवार ढहने से एक महिला व्यवसायी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शहर के सभी मार्गों पर तूफान के कारण गिरे पेड़ तथा बिजली तारों व पोल टूटने के कारण आवागमन बाधित हो गया। साथ ही पूरे जिले की बिजली गुल हो गई है। वहीं, तूफान के दौरान वजीरगंज थाना क्षेत्र के टिकरी निवासी रामबहादुर (68) की पेड़ से टकराकर मौत हो गई। उधर, गांव के ही परसाहपुरवा के रहने वाले जमुना वर्मा (46) की हाईमास्ट का पोल गिरने से दबकर मौत हो गई।
मंगलवार को शहर के अधिकांश इलाकोें में जेठ के बड़े मंगल पर भंडारे का आयोजन किया गया था, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद छक रहे थे। इसी बीच शाम साढ़े छह बजे मौसम ने करवट लिया। अचानक चक्रवाती तूफान के साथ तेज बारिश शुरू हो गई।
चक्रवात में कोतवाली देहात क्षेत्र के हाकिम जोत गांव के सिधांव पुरवा निवासी अयोध्या दूबे (40) पशुओं को तूफान से बचान के लिए उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे थे। इसी बीच गिरे बरगद के पेड़ के नीचे दबकर उनकी मौत हो गई।
वहीं, शहर के मालवीय नगर के रघुरन मार्केट में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली सीमा दुरानी (45) दीवार गिरने से उसकी चपेट में आकर घायल हो गईं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहर के पटेलनगर मोहल्ले में श्रीराम पब्लिक स्कूल के बगल चक्रवाती तूफान ने एक मकान की छत ढहा दी।
चक्रवाती तूफान में कचहरी रोड स्थित मंडे नाला के पास खडे़ आयल टैंकर पर पेड़ गिर गया, वहीं बहराइच रोड पर डॉ. आशीष गुप्ता की कार पर पेड़ गिर गया, जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। चक्रवाती तूफान में गोंडा-बलरामपुर मार्ग पर रामदेवनगर के पास पेड़ गिरने से मार्ग जाम हो गया।
गोंडा-लखनऊ रोड पर बालपुर व गोंडा के बीच एक दर्जन पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे लखनऊ मार्ग बाधित हो गया। बेलसर, तरबगंज, फैजाबाद रोड पर सैकड़ों पेड़ व बिजली खंभे धराशायी हो गए। शहर में शास्त्री महाविद्यालय चौराहे पर विशालकाय पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया।
डीएम आवास परिसर में सागौन का मजबूत पेड़ टूट गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। जिला अस्पताल, कोतवाली के सामने, पावर कॉर्पोरेशन, सिंचाई विभाग आदि स्थानों पर आवागमन बाधित रहा। चक्रवाती तूफान के कारण गिरे तारों व खंभों के चलते पूरे जिले की बिजली ध्वस्त हो गई।