डीएम आशुतोष निरंजन नेे कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की। इसमें उन्होंने नियमित टीकाकरण में पीछे रहे तरबगंज, नवाबगंज व वजीरगंज के प्रभारी चिकित्साधिकरियों का वेतन रोक दिया है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार लाने की चेतावनी दी है।
समीक्षा बैठक में पता चला कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत एमसीडीएस ऑपरेटर्स को विगत 9 माह से मानदेय नहीं दिया गया है। इससे नाराज डीएम ने सीएमओ को आदेश दिए हैं कि किसी भी दशा में एक सप्ताह के भीतर कार्यरत जनशक्तियों को मानदेय दे दिया जाए तथा सेवा प्रदाता एजेन्सी को नोटिस देकर तत्काल हटाकर दूसरी एजेन्सी को टेंडर के जरिए अधिकृत किया जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर भुगतान नहीं कर दिया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी फिक्स करते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए शासन को पत्र भेज दिया जाएगा।
संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि जनपद के निर्धारित लक्ष्य 52400 के सापेक्ष अब तक मात्र 23132 संस्थागत प्रसव ही हो पाए हैं। मात्र 44 प्रतिशत संस्थागत प्रसव पर भी डीएम ने प्रभारी चिकित्साधिकारियों से जवाब तलब किया है।
इसी तरह वीएचएनडीए नसबंदी रोगी कल्याण निधि सहित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं में भी संतोषजनक प्रगति नहीं पाई गई। बैठक में प्रभारी सीएमओ डॉ. राकेश अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल डॉ. रतन कुमार, सीएमएस महिला डॉ. अनिल कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।