गोंडा। जिले में रबी सीजन के दौरान करीब तीन लाख किसानों ने गेहूं, सरसों, मसूर व राई की बोआई की है, लेकिन फसल बीमा योजना के प्रति किसानों की रुचि बेहद कम नजर आ रही है। आंकड़ों के अनुसार अब तक केवल 1,450 किसानों ने ही अपनी फसलों का बीमा कराया है।
कृषि उपनिदेशक प्रेमकुमार ठाकुर ने बताया कि रबी फसलों के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। इसके बाद किसी भी किसान का बीमा स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों की उदासीनता के पीछे जागरूकता का अभाव माना जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि फसल बीमा प्राकृतिक आपदाओं, ओलावृष्टि, सूखा व अतिवृष्टि जैसी परिस्थितियों में किसानों के लिए सुरक्षा कवच है। इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ उठा सकें।
इस तरह कराएं फसल बीमा
फसल बीमा योजना के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए किसानों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in पर आवेदन करना होगा। बीमा के लिए राशन कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर जो आधार से लिंक हो, पहचान पत्र, किसान का एक पासपोर्ट साइज फोटो, खेत का खसरा नंबर, किसान का निवास प्रमाणपत्र जैसे कि ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, अगर खेत किराये पर लिया गया है तो खेत के मालिक के साथ इकरार नामा की फोटोकॉपी लगानी होगी। किसान अपने नजदीकी बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), बीमा एजेंट के माध्यम से एआईडीई ऐप या क्रॉप इंश्योरेंस एप के जरिए पंजीकरण कर सकते हैं। साथ ही किसानों की सुविधा के लिए व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 7065514447 भी जारी किया गया है, जिस पर मेसेज या कॉल करके फसल बीमा से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल कर सकते हैं
नुकसान के बाद दर्ज करानी होती है शिकायत
प्राकृतिक आपदा समेत फसलों में होने वाले अन्य तरह के नुकसान की भरपाई के लिए किसान दावा कर सकते हैं। यह दावा नुकसान के 72 घंटे के भीतर नजदीकी सीएससी या कृषि कार्यालय में करना होगा। सत्यापन के बाद किसानों को बीमा लाभ की रकम सीधे उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।