गोंडा। शादी के इरादे से किशोरी के अपहरण के मामले में शनिवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया है। किशोरी के पिता की प्रेमिका और उसके प्रेमी व चचेरी भाभी को न्यायालय ने सजा दी है। मामले में आरोपी किशोर अपचारी का मुकदमा किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर कहा कि 24 अक्तूबर 2016 को सुबह छह बजे उसकी 13 वर्ष की बहन को गांव के सुखलाल की पत्नी मीना मंदिर ले गई थी। बहन के वापस न आने पर खोजबीन की गई तो पता चला कि उसके पिता की प्रेमिका लक्ष्मी, ग्राम इस्माइलपुर के रहने वाले लक्ष्मी के प्रेमी रामचरन और मीना गाड़ी में बैठाकर उसकी बहन को कहीं ले गए हैं। कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की तो उमरी बेगमगंज निवासी उसकी चचेरी भाभी राजकुमारी, करनैलगंज के हीरापुर शाहपुर निवासी उसके पिता की प्रेमिका लक्ष्मी, लक्ष्मी के प्रेमी रामपाल और रामपाल के नाबालिग बेटे का नाम प्रकाश में आया। अपराध का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय के न्यायालय में और किशोर अपचारी के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। ट्रायल के दौरान वादी, पीड़िता व गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने लक्ष्मी, रामपाल व राजकुमारी को दोषी करार दिया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) नित्या पांडेय ने दोषी लक्ष्मी व रामपाल को शनिवार को आठ साल के कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड और राजकुमारी को पांच साल के कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अदालत के आदेशानुसार अधिरोपित जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।