गोंडा। जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। प्रतिदिन डेंगू के मरीज नए मरीज सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को डेंगू के तीन, मलेरिया का एक तथा स्क्रब टाइफस के दो मरीज मिले हैं।
कौड़िया बाजार निवासी अंकित मिश्र कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे, अयोध्या मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पंडरी कृपाल निवासी संगीता की जिले के मेडिकल कॉलेज में डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वहीं नवाबगंज निवासी कलावती की अयोध्या के एक निजी अस्पताल से डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
पंडरी कृपाल के पकड़ी कैशवार निवासी जाकिर अली ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विशुनपुर बैरिया पर जांच कराई, जिनकी रिपोर्ट में मलेरिया पॉजिटिव मिला। सिविल लाइंस निवासी किरन और बेलसर निवासी अरुण कुमार की जिले के मेडिकल कॉलेज में जांच कराने पर स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई। नए मरीजों के साथ डेंगू संक्रमितों की संख्या बढ़कर 66, मलेरिया की 18 व स्क्रब टाइफस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है।
निजी लैब नहीं दे रहे जानकारी
सरकारी अस्पतालों के साथ बड़ी संख्या में बुखार पीड़ित मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। इनकी जांच भी निजी लैब में की जाती है। लैब संचालक अपनी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय नहीं भेज रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग को डेंगू के मरीजों का सही आंकड़ा नहीं मिल पा रहा है।
डेंगू से बचाव को लेकर बरतें सतर्कता
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि डेंगू व मलेरिया मच्छर के काटने से फैलता है, जबकि स्क्रब टाइफस संक्रमित छोटे कीड़ों के काटने से फैलता है। मच्छर बर्तन, कूलर और बेकार पड़ी वस्तुओं आदि में जमा पानी में पनपते हैं। डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं। मच्छरों को काटने से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। कहीं भी पानी का जमाव न होने दें।
संक्रमितों के घर होती निरोधात्मक कार्रवाई
डेंगू, मलेरिया व स्क्रब टाइफस के मरीजों के घर जाकर निरोधात्मक कार्रवाई कराई जा रही है। पोर्टल पर दर्ज मरीजों में कई मरीज दूसरे जिले या प्रदेश में निवास करते हैं। उनसे बात कर संबंधित जिलों को सूचित किया जाता है। प्राइवेट लैब को भी सूचना देने का सख्त निर्देश दिया गया है।
- डॉ. एसजेडए जैदी, जिला मलेरिया अधिकारी