गोंडा में फर्जी अफसर बनकर वसूली करने वाले आरोपी। - स्रोत: पुलिस
गोंडा। कभी पत्रकार तो कभी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का अफसर बनकर लोगों से वसूली व लूटपाट करने वाले तीन शातिरों को मनकापुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से भांग की दुकान से लूटी गई रकम, मोबाइल फोन, बाइक और एनसीबी के तीन फर्जी आईकार्ड बरामद हुए हैं। पूछताछ के बाद तीनों को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश करके जेल भेज दिया गया।
एएसपी पूर्वी मनोज कुमार रावत ने बताया कि एनसीबी का अफसर बनकर भांग की दुकानों से वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। शातिरों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगाई गई थी। मंगलवार को किशुनदासपुर से पहले टिकरी रोड पर आरोपियों की लोकेशन मिली थी। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वजीरगंज थाना क्षेत्र के मझारा निवासी विशाल गुप्ता, इसी थाना क्षेत्र के नौबस्ता निवासी अमन शुक्ल और इटियाथोक के बेनीपुर बहुता निवासी मनीष मौर्य को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से लूट की रकम के 9500 रुपये, कूटरचना कर बनाए गए एनसीबी के तीन पहचान पत्र, तीन मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद हुई है।
एएसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वे लोगों को डरा-धमकाकर वसूली करते थे। एएसपी ने बताया कि आरोपी लगातार धन उगाही व लूट कर रहे थे। ये लोग कभी पत्रकार तो कभी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का अधिकारी बनकर या अन्य तरह से डरा-धमकाकर दुकानदारों से रकम वसूलते थे। लोगों को डराकर रुपये छीनने के साथ ही लूटपाट भी करते थे।
एएसपी ने बताया कि आरोपी विशाल गुप्ता के खिलाफ वजीरगंज थाने में तीन और नगर कोतवाली में चार केस दर्ज हैं। अन्य दोनों आरोपियों का अपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करके जेल भेजा गया है।
मनकापुर कस्बे की भांग की दुकान के सेल्समैन पटेल नगर मनकापुर निवासी कौशल कुमार ने मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 23 मई की दोपहर तीन बजे वह दुकान में थे। तभी तीन लोग दुकान पर पहुंचे और तलाशी लेने लगे। परिचय पूछने पर तीनों आगबबूला हो गए। खुद को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का अधिकारी बताते हुए चालान की धमकी दी। फिर पिटाई करके नौ हजार रुपये लूट लिए और 10 हजार रुपये हर महीने देने को कहा। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर विशाल गुप्ता और दो अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी और लूट समेत कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस ने भांग की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे से अज्ञात आरोपियों अमन शुक्ल व मनीष मौर्य की पहचान की थी। जांच में पता चला कि आरोपियों ने देहात कोतवाली क्षेत्र के खोरहंसा बाजार स्थित लाइसेंसी भांग की दुकान पर भी खुद को एनसीबी का अधिकारी बताते हुए पांच हजार रुपये छीन लिए थे। पुलिस ने इस मामले में भी एफआईआर दर्ज की थी।