रगड़गंज (गोंडा)। एक महिला के बैंक खाते से दो लाख रुपये गलत तरीके से निकालने के आरोप में भारतीय स्टेट बैंक शाखा मंगुरा बाजार के बैंक प्रबंधक व सीएससी संचालक सहित तीन लोगों के खिलाफ थाना उमरी बेगमगंज में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
बीते 30 जनवरी को पीड़ित महिला एसबीआई बैंक में खाते से पैसा निकालने गई तो खाते में पैसा न होने की बात सामने आई थी। सीओ तरबगंज के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक के शाखा मंगुरा बाजार से लिंक सीएससी बक्सैला का है। थाना उमरी बेगमगंज के गंगरौली गांव निवासी महिला रंजना कुमारी पत्नी राधेश्याम ने एसबीआई मंगुराबाजार से लिंक सीएससी बक्सैला में खाता खुलवाया था।
रजनी ने थाना उमरी बेगमगंज में दी तहरीर में आरोप लगाया कि दो जनवरी 2017 को एसबीआई के बीसी सेंटर बक्सैला से तीन सौ रुपये का विड्रॉल किया था। बीते 30 जनवरी को जब बैंक से पैसे निकालने गई तो बैंक कर्मी ने पैसे न होने की बात कही। एसबीआई बेलसर के शाखा प्रबंधक ने खाते का स्टेटमेंट दिया तब पता चला कि 25 मई 2017 को ही खाते से दो लाख रुपये सीएससी संचालक ने अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए हैं।
मामले की जानकारी होने पर रजनी ने सीओ तरबगंज को शिकायत पत्र देकर शिवाकांत शुक्ल, अनुराग दुबे व ओपी दुबे व बैंक प्रबंधक पर आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की थी। सीओ महाबीर सिंह के आदेश पर रविवार को थाना उमरी बेगमगंज में अनुराग दूबे, ओपी दूबे व तत्कालीन बैंक प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। थानाध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह चौहान ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि उप निरीक्षक रूदल बहादुर सिंह को मामले में जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।