फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार 230 कॉलेज बन सकते हैं केंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। यूपी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। इस बार जिले में परीक्षा केन्द्रों की संख्या दोगुनी हो सकती है। बोर्ड परीक्षा 2021 का कार्यक्रम इसी महीने जारी होने की उम्मीद है और इसी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की तैयारी हो रही है। विभाग ने परीक्षा केंद्रों पर मानक निर्धारित कर दिए गए हैं। इस बार केंद्रों पर कोविड-19 के प्रोटोकॉल ध्यान रखा जाएगा। खासकर शारीरिक दूरी का पालन कराने के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। पिछली बार बोर्ड परीक्षाएं 122 केन्द्रों पर हुई थीं। इस बार कोरोना संकट के कारण 230 के करीब परीक्षा केन्द्र बनाए जाने की उम्मीद बढ़ गई है। विभाग की ओर से मानक को देखते हुए केन्द्र तैयार की जा रही है।
विज्ञापन

यूपी बोर्ड 2020-21 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण नीति जारी होने के साथ ही केन्द्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई। जिले के 483 कॉलेजों का डाटा अपडेट कराया जा रहा है। इसका परीक्षण जिलाधिकारी के स्तर से बनाई गई टीम इस बार करेगी। इसके बाद नए नियमों के तहत केंद्रों का निर्धारण होगा। अब कमरे में एक-दूसरे परीक्षार्थी के बीच में 36 वर्ग फीट (3.34 वर्ग मीटर) दूरी रखना अनिवार्य होगा। केंद्र बनाने के लिए दोनों पालियों में आवंटित परीक्षार्थियों की कुल संख्या न्यूनतम 150 एवं अधिकतम 800 होगी। अभी तक यह संख्या 300 और अधिकतम 1200 थी।
शासन की गाइडलाइन के आधार पर डीआइओएस अनूप कुमार ने स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण ऑनलाइन किया जाएगा। सभी प्रधानाचार्यों को परिषद की वेबसाइट पर सभी आधारभूत सुविधाओं की जानकारी अपलोड करनी होगी। इन सूचनाओं के आधार पर जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम मौके पर जांच करेगी। यदि किसी भी प्रधानाचार्य ने आधारभूत सूचनाएं अपलोड नहीं की या फिर गलत सूचनाएं दीं तो उनके विद्यालय को परीक्षा केंद्र की पात्रता सूची से बाहर कर दिया जाएगा। साथ ही उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए सॉफ्टवेयर बनेगा। विद्यालयों के बीच दूरी निर्धारण के लिए संस्थानों की मैपिंग व जियो टैंगिंग कराई जाएगी। परिषद के मोबाइल एप से विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को यह मैपिंग खुद ही करनी होगी। प्रधानाचार्य इस एप को अपने स्मार्ट फोन में डाउनलोड करेंगे। फिर अपने संस्थान परिसर में इस एप में विद्यालय की यूजर आइडी व पासवर्ड के माध्यम से लॉगइन करेंगे, जिससे विद्यालय का अक्षांश एवं देशांतर परिषद की वेबसाइट के सर्वर पर स्वत: दर्ज हो जाएगा।
कॉलेजों के संसाधनों के आधार पर मेरिट बनेंगे केंद्र
वेबसाइट पर हाईस्कूल व इंटर कालेजों की अपलोड सूचनाओं के आधार पर अंक दिए जाएंगे। इसमें राजकीय, एडेड और वित्त विहीन विद्यालयों की अलग-अलग मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इंटर व हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों के पिछले साल के नतीजों पर दिए जाने वाले अंक बढ़ा दिए हैं। हाईस्कूल और इंटर के पिछले साल के स्कूल के नतीजे 90 फीसद से ज्यादा होने पर 10 की जगह 20-20 अंक दिए जाएंगे। इसी आधार पर सेंटर बनेंगे। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए केंद्र फरवरी के पहले पखवारे में तय होंगे। उसी समय इंटर की प्रायोगिक परीक्षाएं भी होनी है। इसके अलावा संसाधनों पर भी अंक तय है। जिलाधिकारी की कमेटी कालेजों के संसाधनों का परीक्षण करके केन्द्र बनाने के लिए संस्तुति करेगी।
84 हजार से अधिक परीक्षार्थी इस बार देंगे बोर्ड परीक्षा
बोर्ड परीक्षा इस बार 84 हजार के करीब परीक्षार्थी देंगे। 483 कॉलेजों में पढ़ने 84 हजार परीक्षार्थियों की परीक्षा कराने के लिए केंद्र बनाए जाने की कार्रवाई हो रही है। नए मानक में 230 के करीब केंद्रों के बनने की पूरी उम्मीद है। जिले में तीन राजकीय इंटर कॉलेजों के साथ ही 45 एडेड इंटर कॉलेज हैं। इनमें भी छात्रों का आवंटन होगा लेकिन किसी भी कॉलेज को 800 से अधिक छात्र आवंटित नहीं हो सकेंगे। अगर इन कॉलेजों की क्षमता को देखते हुए अधिक छात्र मिल भी गए तो 30 हजार से 40 हजार के बीच ही छात्र समाहित किए जा सकेंगे। इसके बाद 54 हजार छात्रों को परीक्षा केंद्रों में आवंटित करने में कम छात्र ही दिए जाएंगे। ऐसे में 170 से 180 के करीब वित्त विहीन कॉलेजों को केंद्र बनाने की आवश्यकता होगी।
शासन की ओर से जारी की गई नीति के आधार पर परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा। कोरोना संकट को देखते हुए परीक्षा केंद्र तो बढ़ेंगे ही। फिलहाल अभी प्रक्रिया चल रही है। -अनूप कुमार, डीआईओएस
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें