गोंडा। एनसीआईएसएम (नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन) में पंजीकरण कराए बिना ही बीएएमएस की पढ़ाई कराने के मामले में शहर के एक निजी आयुर्वेदिक कॉलेज की अब जांच होगी। उपजिलाधिकारी सदर अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि सभी तथ्यों की जांच की जाएगी।
आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में बीएएमएस की पढ़ाई पूरी कर चुके सौ छात्र-छात्राओं का मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण नहीं हो पा रहा था। छात्रों का आरोप था कि एनसीआईएसएम में संस्थान का पंजीकरण न होने से डिग्री मान्य ही नहीं है। छात्रों के आंदोलन पर संस्थान ने प्रयास तो किया और बीते दिनों पंजीयन भी हो गया। लेकिन छात्रों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर कॉलेज की लापरवाही बताई थी। जिस पर क्षेत्राधिकारी नगर ने रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी थी। इसके बाद अब डीएम ने कॉलेज की जांच के आदेश दिए हैं। कॉलेज की ओर से पंजीयन कराने की जानकारी दिए जाने के बाद छात्रों का आंदोलन तो खत्म हो गया था लेकिन अब जांच का सामना करना पड़ेगा। इतने साल तक पंजीकरण नहीं कराने की भी पड़ताल होगी, जिसके चलते छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा।