गोंडा। कृषि विभाग की ओर से किसान मेले का आयोजन आंबेडकर चौराहा स्थित वेंकटाचार्य क्लब में किया गया। प्रचार-प्रसार के अभाव में मेले में लगे स्टालों पर सन्नाटा पसरा रहा। जबकि गोष्ठी के दौरान विभागीय अधिकारी, कर्मचारी व किसानों को मिलाकर ही करीब 150 कुर्सियां भरी जा सकीं।
किसान मेले का आयोजन सुबह 10 बजे से किया गया था, लेकिन मेले का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी एम. अरुन्मोली ने बुधवार दोपहर पौने 12 बजे किया। सीडीओ ने मेले में लगे स्टालों का निरीक्षण किया और जैविक कृषि को बढ़ावा देने की बात कही। इससे पहले उन्होंने पराली नहीं जलाने के लिए प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जैविक उत्पादों का एक स्टॉल विकास भवन के सामने भी लगाया जााएगा, जहां से आम लोग व कर्मचारी जैविक उत्पाद क्रय कर सकेंगे। क्लब सभागार में सीडीओ ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
मेले का प्रचार प्रसार नहीं होने के सवाल पर विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन, करवाचौथ, धान की कटाई आदि के चलते किसान मेले में कम संख्या में पहुंचे हैं। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मेले में किसानों को बुलाया ही नहीं गया था, सिर्फ कृषि उत्पादक संगठन को ही बुलाया गया था। इस दौरान उप कृषि निदेशक प्रेम कुमार ठाकुर, जिला कृषि अधिकारी जगदीश प्रसाद यादव, उपसंभागीय कृषि प्रसार अधिकारी शिवशंकर चौधरी, रामलखन सिंह, सुनील, गौरव, कमलेंद्र आदि मौजूद थे।
मेला लगा देख पहुंचा
धान, सरसों, हल्दी, गेंहू आदि की खेती लंबे समय से कर रहा हूं। उद्यान विभाग के कार्यक्रम से लौटते समय मेला लगा हुआ देखा तो कार्यक्रम में पहुंच गया।
- रज्जाक अली, पंतनगर
कर्मचारियों के माध्यम से पता चला
गोभी, मटर, भिंडी, सरसों आदि की खेती कर रहे हैं। मेले के बारे में ब्लॉक कर्मचारियों के माध्यम से पता चला था। तब जाकर मेले में पहुंचा हूं।
- हरिप्रकाश, नवाबगंज
मेले का बोर्ड देख आया
मुख्य रूप से गेहूं की खेती की जा रही है, किसान मेले के बारे में जानकारी नहीं थी। चौराहे पर मेले का बोर्ड दिखा तो यहां पर चला आया।
- फारुक अहमद, केशवपुर
500 किसान पहुंचे
मेले में किसानों की बड़ी संख्या में सहभागिता हुई है। करीब 500 किसान मेले में पहुंचे हैं। कुल 700 कुर्सियां लगाई गई थीं, लगभग सभी भर गई थीं।
- प्रेम कुमार ठाकुर, उप कृषि निदेशक