समाजवादी एंबुलेंस सेवा की संवेदनहीनता का जीता जागता
उदाहरण रविवार शाम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज पर देखने को
मिला। यहां गंभीर हालत में बीमार एक अज्ञात महिला को जिला अस्पताल भेजने के
लिए डॉक्टर काल करते रहे और एंबुलेंस वाले टालमटोल करते रहे। अंत में
महिला ने तड़प-तड़प कर सीएचसी में ही दम तोड़ दिया।
मामला करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है।
रविवार को लगभग शाम 3:30 बजे 108 समाजवादी एंबुलेंस द्वारा एक 55 वर्षीय
अज्ञात महिला को गंभीर अवस्था में परसपुर रोड बाबागंज से सामुदायिक
स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया।
जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने महिला का
प्राथमिक उपचार कर उसकी नाजुक हालत को देखते हुए गोंडा जिला चिकित्सालय के
लिए करीब शाम चार बजे रेफर कर दिया। ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों और
डॉक्टर ने लगातार 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा को काल कर मरीज को जिला
अस्पताल ले जाने का अनुरोध किया।
इस पर एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी की ओर
से आधे घंटे में गाड़ी भेजने की बात कही गई। परंतु समय बीत जाने के बाद भी
जब एंबुलेंस नहीं आई तो दोबारा काल किया गया, फिर भी गाड़ी नहीं आई।
चिकित्सक लगातार फोन कर एंबुलेंस की मांग करते रहे, पर एंबुलेंस वाले
टालमटोल करते रहे।
इस पर अंत में रात 10.45 बजे महिला ने दम तोड़ दिया।
इसकी सूचना मेमो के माध्यम से कोतवाली भेजी गई। चौकी प्रभारी कस्बा मनोज
कुमार राव ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज के अधीक्षक डॉ. आफताब आलम का कहना है
कि लगातार एंबुलेंस की मांग करने के बाद भी गाड़ी नहीं आई। एंबुलेंस चालक
यहां न आकर दूसरी कॉल पर चला गया, जिससे महिला की मौत हो गई।
इस संबंध में
मुख्य चिकित्साधिकारी गोंडा को एंबुलेंस वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए
सूचना दी गई है। चौकी प्रभारी मनोज कुमार राव का कहना है कि अधीक्षक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज की सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए
गोंडा भेजा जा रहा है।