गोंडा। एक-दो नहीं, गोंडा और बलरामपुर में 6128 वक्फ संपत्तियां हैं। वहीं, 25 संपत्तियां शिया समुदाय से जुड़ी हुई हैं। दरअसल, पहले बलरामपुर गोंडा का ही हिस्सा था। ऐसे में अब जिलेवार संपत्तियाें की छंटनी की तैयारी की जा रही है ताकि हरेक जिले का अलग-अलग डाटा संकलित किया जा सके।
दरअसल, वर्ष 1997 में गोंडा से अलग करके बलरामपुर को जिला बनाया गया। लेकिन, अभी तक दोनों जिलों का अलग-अलग विवरण नहीं तैयार किया जा सका है। वक्फ इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि गोंडा-बलरामपुर में कुल 6128 वक्फ संपत्तियां हैं। दोनों जिलों का अलग-अलग डाटा तैयार किया जा रहा है। उसके बाद छंटनी की जाएगी ताकि जिलावार स्थिति तय हो सके।
वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा करते दिखे लोग, पुलिस सतर्क
गोंडा। लोकसभा में पेश किए गए वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर बुधवार को लोग चर्चा करते दिखे। एलबीएस चौराहे पर चाय की चुस्कियों के बीच रोहित, मदन व सुमित के बीच विधेयक को लेकर चर्चा हो रही थी। तीनों अपने-अपने तरीके से इसकी व्याख्या कर रहे थे। चर्चा में पहुंचे अनुभव ने कहा कि पहले विधेयक के बारे में अध्ययन करो, फिर मतलब निकालो।
विधेयक को लेकर शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शहर कोतवाल विवेक त्रिवेदी पुलिस फोर्स के साथ चौक बाजार, फैजाबाद रोड स्थित विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया। वहीं, करनैलगंज नगर में पुलिस पूरे दिन भ्रमण पर रही। पुलिस टीम बस स्टॉप चौराहे पर लगातार बनी रही। विशेष रूप से नई बाजार चौराहा, बस स्टॉप, घंटाघर, सकरौरा और बालूगंज, मौर्यनगर चौराहे पर पुलिस टीम गश्त करती नजर आई। प्रभारी निरीक्षक श्रीधर पाठक और एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि पुलिस सतर्कता बरत रही है।