जिला महिला अस्पताल में मौजूद मरीज व तीमारदार। - संवाद
गोंडा। जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के बीच एकमात्र सर्जन डॉ. सौम्या चौबे का स्थानांतरण होने से ऑपरेशन और प्रसव सेवाओं पर संकट खड़ा हो गया है। डॉ. सौम्या चौबे का बाराबंकी स्थानांतरण हो चुका है। मगर चिकित्सकों की कमी को देखते हुए उन्हें अभी कार्यमुक्त नहीं किया गया है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पत्र भेजकर स्थानांतरण पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है।
महिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में प्रसव और स्त्री रोग संबंधी मरीज पहुंचती हैं। गंभीर मामलों में ऑपरेशन भी किए जाते हैं। अस्पताल के सीएमएस डॉ. एस दयाल के अनुसार प्रतिदिन करीब 16 से 17 ऑपरेशन होते हैं। ऐसे में डॉ. सौम्या चौबे के कार्यमुक्त होने पर ऑपरेशन और गंभीर मरीजों के इलाज की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पुरुषार्थ का भी बाराबंकी स्थानांतरण हो चुका है। बाल रोग विशेषज्ञों के छह पदों के सापेक्ष चार डॉक्टर कार्यरत हैं। सीएचसी स्तर से गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को जिला महिला अस्पताल रेफर किया जाता है, जिससे यहां मरीजों का दबाव बना रहता है। सीएमएस ने बताया कि चिकित्सकों की कमी की जानकारी डीएम को दी गई थी। इसके बाद डीएम ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पत्र भेजा है। स्थानांतरण पर पुनर्विचार होने से अस्पताल में प्रसव, ऑपरेशन और अन्य उपचार सेवाएं प्रभावित होने से बचाई जा सकेंगी।