गोंडा। विकास कार्यों का परीक्षण सामाजिक स्तर पर किए जाने में अब ब्लाक संसाधन व्यक्ति (बीआरपी) अहम भूमिका निभाएंगे। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही की अध्यक्षता में गठित समिति ने जिला स्तर पर 18 ब्लाक संसाधन व्यक्तियों की सूची जारी की गयी है। चयनित बीआरपी अब गांवों में विकास कार्यों को सोशल आडिट के माध्यम से परखने के साथ ही जन सहभागिता बढ़ाने का कार्य भी करेंगे।
अभी तक सोशल आडिट की व्यवस्थाएं सुनियोजित न होने के कारण आम जनसमुदाय को अपने अधिकारों के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है। इसके चलते ही भारत सरकार ने ब्लाक संसाधन व्यक्तियों का चयन करने पर जोर देते हुए इसमें ऐसे लोगों को प्राथमिकता देने को कहा है जो जनसमस्याओं के निस्तारण का अनुभव रखते हों।
जिले में बीआरपी के चयन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सीडीओ शशांक त्रिपाठी के साथ डीडीओ दिनकर विद्यार्थी ने सोशल आडिट के लिए साक्षात्कार लेकर शामिल लोगों की प्रतिभा और क्षमता को परखने के बाद लोगों का चयन किया।
सीडीओ ने बताया कि सोशल आडिट को धरातल पर सफल बनाने से ही आम जनता को योजनाओं के बारे में जानकारी हो सकेगी और व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
इसके साथ ही जनसामान्य को भी अपने अधिकारों एवं हकदारी के बारे में जागरूक बनाने से कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन की भी निगरानी होगी। ताकि विकास की योजनाएं लोगों तक पहुंच सके। डीएम स्तर से जारी सूची निदेशक सोशल आडिट को भेजी गयी है। जल्दी चयनितों का प्रशिक्षण कराकर ब्लाक आवंटन की कार्रवाई पूरी होगी।
सोशल आडिट की पहल बहुत पहले से चल रही है। वर्ष 2010 में जिला स्तर व ब्लाक स्तर पर एक- एक ब्लाक समन्वयकों का चयन हुआ था। इसके बाद भी सोशल आडिट से जन समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित नही हो पाई। इसके बाद भारत सरकार ने बीआरपी चयन को प्राथमिकता दिया।
दो ब्लाकों करनैलगंज व हलधरमऊ में ब्लाक समन्वयक की तैनाती नही है। यहां के लिए दो-दो बीआरपी चयनित किए गए हैं और अन्य 14 ब्लाकों में ब्लाक समन्वयक हैं तो वहां के लिए एक- एक बीआरपी चयनित किए गए हैं। कार्य स्थाई मानदेय पर नही है और प्रत्येक कार्य के लिए शुल्क तय है। बीआपी को एक पंचायत की आडिट पर दो हजार रुपया व्यवसायिक शुल्क और पांच सौ यात्रा शुल्क मिलेगा।
जनसमुदाय को प्रेरित करने को 18 बीआरपी चयनित
- विकास योजनाओं की हकीकत परखने को सोशल आडिट के लिए बीआरपी लाभार्थियों से संवाद करेंगे। उन्हें जागरूक करेंगे कि योजना उनके फायदे के लिए ही है। बीआरपी के पैनलिस्ट में लक्ष्मी प्रसाद मिश्र, बबिता सिंह, संजय तिवारी, कृष्णदेव तिवारी, आशीष श्रीवास्तव, दिनेश नरायन तिवारी, विशेश्वर दूबे, संतोष कुमार, विजय कुमार मिश्र, अटल बिहारी शर्मा, अमरेश तिवारी, यमुना प्रसाद, जमुना प्रसाद, कृष्ण कुमार द्विवेदी, दीनदयाल सिंह, संतोष कुमार, कैलाश, विनय प्रकाश सिंह का चयन हुआ है।
कोट्स
- विकास की योजनाओं के संचालन में जनसमुदाय की भूमिका काफी अहम है। बीआरपी का चयन जन समुदाय को जागरूक करने और योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए हुई है। जल्दी चयनितों का प्रशिक्षण शुरू होगा।
- शशांक त्रिपाठी, सीडीओ