करनैलगंज (गोंडा)। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 24 घंटे में नदी 37 सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान से मात्र डेढ़ मीटर दूर रह गई है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों की धड़कन तेज हो गई है। रविवार को डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नदी बढ़ रही थी। वहीं, विभिन्न बैराजों से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सोमवार सुबह जब ये पानी एल्गिन ब्रिज तक पहुंचेगा, तो नदी खतरे के निशान को छू सकती है।
सरयू नदी के खतरे का निशान 106.07 सेंटीमीटर है। रविवार शाम तक नदी 104.390 सेंटीमीटर तक पहुंच चुकी थी। शनिवार को जलस्तर 104.020 था, जो रविवार सुबह 20 सेंटीमीटर बढ़कर 104.220 हो गया। शाम को मिले आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 37 सेंटीमीटर बढ़ा है। रविवार शाम चार बजे तक शारदा, गिरिजा और सरयू बैराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। जिसके सोमवार तक एल्गिन ब्रिज तक पहुंचने की संभावना है। यदि सरयू नदी खतरे के निशान तक पहुंचती है तो ग्राम नकहरा, मांझा रायपुर, परसावल, बेहटा, बांसगांव, पारा, बहुवन मदार माझा के कई मजरे बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।
स्पर निर्माण अधूरा
ग्राम बहुवन मदार माझा के पास स्पर निर्माण का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि सरयू नदी बांध के किनारे ही बह रही है। यदि जलस्तर तेजी से बढ़ता है या जलस्तर में गिरावट होती है तो तेजी से कटान हो सकता है, जिससे एल्गिन चरसड़ी बांध को खतरा होगा।
बाढ़ चौकियों को किया अलर्ट
उपजिलाधिकारी यशवंत राव का कहना है कि बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती के साथ सभी चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। अभी तक किसी प्रकार की बाढ़ की समस्या नहीं है। जलस्तर बढ़ने की सूचना मिली है। प्रशासन अलर्ट मोड में है।