विश्नोहरपुर/करनैलगंज। सरयू का जलस्तर बृहस्पतिवार शाम से ही स्थिर है, लेकिन क्षेत्र के कई रास्ते व मजरे जलमग्न हैं। ब्यौंदा माझा गांव के सभी 15 मजरे जलमग्न हैं। रास्तों में कंधे तक पानी भरा है, लेकिन प्रशासन की तरफ से नाव तक नहीं मुहैया कराई जा रही है।
सरयू के जलस्तर में वृद्धि तो थम गई है, लेकिन अब कटान तेज है। साकीपुर और दत्तनगर के मजरे बाड़ी माझा में गन्ने और धान की फसलें नदी कटान की जद में हैं। आवास भी सुरक्षित नहीं हैं। अट्ठाइसा, चहलावा, पाड़ी और अहिरन टाड़ी मजरे में जलभराव है, लेकिन प्रशासन की ओर से नाव, विस्थापन या मुआवजे के लिए कोई पहल नहीं हो रही है।
करनैलगंज संवाद के अनुसार, सरयू नदी खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि नदी में पानी का डिस्चार्ज घटने से लोगों को राहत की उम्मीद है। बाढ़ से प्रभावित गांवों में अभी पानी नहीं भरा है। जिला आपदा प्रबंधक राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी स्थिर है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे है।