तरबगंज थाना क्षेत्र के रेतादल सिंह गांव के मजरा दर्जीपुरवा में रविवार की भोर एक घर की मिट्टी की जर्जर दीवार अचानक ढह गई, जिससे सोते समय मलबे में दो सगी बहनें दब गईं। परिवारीजनों ने जब तक मलबा हटाया, तब तक दोनों बहनों की मौत हो गई। तहसीलदार तरबगंज ने पीड़ित परिवारीजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
तरबगंज थाना क्षेत्र के रेतादल सिंह गांव के मजरा दर्जीपुरवा की रहने वाली जन्नतुल बानो ने बताया कि वह अपनी बड़ी बेटी रोशनी (12) व छोटी बेटी नाजरीन (6) के साथ शनिवार की रात खाना खाने के बाद घर में सो गईं।
रविवार की भोर उसकी नींद खुली तो वह रोजमर्रा के काम में जुट गई, मगर उसकी दोनों बेटियां सो रही थीं। इसी बीच उसके छप्पर के घर की मिट्टी की जर्जर दीवार अचानक ढह गई।
इससे वहां सो रहीं दोनों बेटियां मलबे में दब गईं। परिवारीजनों ने जब तक मलबा हटाया, तब तक दोनों बहनों की मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। गांव वालों की मौजूदगी में शवों को पंचायतनामा कर उन्हें दफना दिया गया।
थाना तरबगंज के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने शवों का पंचातयनामा कर उन्हें दफना दिया है।
तहसीलदार तरबगंज दिनेश चंद ने बताया कि पीड़ित परिवारीजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से सहायता दिलाई जाएगी।