भाजपा के पूर्व विधायक तुलसीदास रायचंदानी के रविवार को अड़ियल रुख को देखते हुए आखिरकार अफसरों को रेलमंत्री की ट्रेन गोंडा में पांच मिनट के लिए रोकनी पड़ी। पूर्व विधायक को बुलाकर रेलमंत्री सुरेश प्रभू ने उनकी बात सुनी। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कोच गेट पर खड़े होकर विभिन्न संगठनों के नेताओं से ज्ञापन लिए। इसके बाद रेल मंत्री की स्पेशल ट्रेन बलरामपुर के लिए रवाना हो सकी।
पूर्व विधायक तुलसीदास रायचंदानी ने रेलवे अफसरों को अल्टीमेटम दिया था कि अगर रेल मंत्री की ट्रेन गोंडा में नहीं रुकती है तो वह ट्रैक पर लेट जाएंगे।
बलरामपुर-ग्वालियर के बीच रेल सेवा का शुभारंभ करने बलरामपुर जा रहे रेल मंत्री सुरेश प्रभु की स्पेशल ट्रेन को रविवार की दोपहर 12.25 बजे गोंडा से रनथ्रू पास होकर बलरामपुर जाना था।
रेल मंत्री के आगमन को देखते हुए सुबह से ही भाजपाइयों सहित विभिन्न संगठनों के लोगों का हुजूम रेलवे स्टेशन पर इकट्ठा होना शुरू हो गया था।
गोंडा सदर से दो बार विधायक रह चुके तुलसीदास रायचंदानी भी रेल मंत्री से मिलने के लिए स्टेशन पहुंचे थे। जब उन्हें पता चला कि रेल मंत्री की ट्रेन गोंडा नहीं रुकेगी तो उन्होंने स्टेशन से ही रेलवे के अधिकारियों से बात की लेकिन कहीं से भी उन्हें ट्रेन के गोंडा में रुकने का आश्वासन नहीं मिला।
इसके बाद पूर्व विधायक ने लखनऊ डिवीजन के पीआरओ आलोक श्रीवास्तव को फोन मिला ट्रेन के गोंडा में न रुकने पर ट्रैक के आगे लेट जाने की बात कही। इसके बाद दोपहर 12.33 बजे गोंडा पहुंची ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर दो पर रोका गया।
स्टेशन पहुंचने पर पता चला कि रेल मंत्री की ट्रेन गोंडा से रनथ्रू पास होगी। इस पर मैने अधिकारियों से बात की, लेकिन जब ट्रेन रुकने का कोई आश्वासन किसी से नहीं मिला तो ट्रैक पर लेटने की धमकी दी। इसके बाद रेल मंत्री ने ट्रेन को रोककर उन्हें अपने केबिन में बुलाया और मांग सुनते हुए उसे पूरा करने का आश्वासन भी दिया है।
-तुलसीदास रायचंदानी, पूर्व विधायक भाजपा
भाजपा के पूर्व विधायक ने उनसे फोन कर रेलमंत्री की ट्रेन को गोंडा में रोके जाने की बात कही थी। ऐसा न होने पर उन्होंने ट्रैक पर लेटने की भी बात कही। जिसे उन्होंने डीआरएम को फारवर्ड कर दिया। जहां से उन्होंने यही मैसेज जीएम को भेजा। इसके बाद ट्रेन को गोंडा पहुंचने पर रोका गया।
-आलोक श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे