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Gonda News: आईजीआरएस शिकायत को बंद करने में फंसे सुल्तानपुर के तत्कालीन परियोजना निदेशक

Mon, 08 Sep 2025 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा।
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जन शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) में शासनादेश को दरकिनार कर शिकायत को स्पेशल क्लोज देकर शिकायतकर्ता का फीडबैक समाप्त करने का मामला जौनपुर के परियोजना निदेशक को महंगा पड़ गया। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी मिलने पर आरोप पत्र जारी कर शासन ने देवीपाटन मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त (जेडीसी) को विस्तृत जांच सौंपी है।
मामला सुल्तानपुर जिले के भदैंया विकास खंड का है। ग्राम सलाहपुर की संगीता देवी पत्नी देवी प्रसाद के बजाय संगीता देवी पत्नी श्याम जी के नाम प्रधानमंत्री आवास आवंटित कर पहली किश्त के 40 हजार रुपये जारी कर दिए। ग्राम पंचायत की स्थायी पात्रता सूची और फैमिली आईडी पर संगीता देवी पत्नी देवी प्रसाद का ही नाम दर्ज है।
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संगीता देवी पत्नी देवी प्रसाद और अंकित मिश्रा ने जनसुनवाई पोर्टल पर इसकी शिकायत की। इसपर 19 अगस्त 2023 को तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच कराई गई। जांच में शिकायतकर्ता संगीता देवी को पात्र पाया गया। इसके बाद भी जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के तत्कालीन परियोजना निदेशक कृष्ण करुणाकर पांडेय ने अंतिम समाधान के बजाय संदर्भ को मांग श्रेणी में फ्लैग करते हुए स्पेशल क्लोज करते हुए प्रकरण समाप्त कर दिया।
इससे शिकायतकर्ता को फीडबैक दिए जाने का विकल्प समाप्त हो गया, जो कि शासनादेश का उल्लंघन है। शासन के निर्देश पर प्रकरण की प्रारंभिक जांच अयोध्या मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त ने की और परियोजना निदेशक को दोषी ठहराया। जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्राम्य विकास विभाग ने सुल्तानपुर के तत्कालीन परियोजना निदेशक कृष्ण करुणाकर पांडेय (वर्तमान परियोजना निदेशक जौनपुर) को आरोप पत्र देने और उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही का जिम्मा देवीपाटन मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त राकेश कुमार पांडेय को सौंपा है।
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देवीपाटन मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि सुल्तानपुर के तत्कालीन परियोजना निदेशक के खिलाफ आरोप पत्र जारी हुआ है। शासन के आदेशानुसार जांच की जा रही है। परियोजना निदेशक से लिखित उत्तर और साक्ष्य मांगा गया है। जांच पूरी होते ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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