बलरामपुर। या हुसैन, या हुसैन की मातमी सदाओं के बीच दसवीं मुहर्रम का जुलूस निकाला गया। जिले में 5052 स्थानों पर रखे ताजिया को कर्बला में दफन किया गया। मुहर्रम के जुलूस को लेकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
सुभाषनगर इमामबाड़ा से निकले जुलूस में शिया समुदाय के लोग काला लिबास पहने नंगे पांव चल रहे थे। या हुसैन, या हुसैन का नारा बुलंद करते हुए दर्द भरे नौहों के साथ कमा व जंजीर का मातम किया। अजादारों को जगह-जगह पानी, शर्बत, शबील, चाय व फल वितरित किया गया। जुलूस अपने मुख्य मार्ग से होता हुआ कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस में कफील अब्बास, शोजब रिजवी, असलम रिजवी, समीर रिजवी, एैमन रिजवी, अनीशुल सहन, मोहम्मद असगर व इजहारूल हसन सहित तमाम अकीदतमंद शामिल हुए। बलरामपुर के गर्ल्स कालेज चौराहा स्थित शिया इमामबाड़े से निकला जुलूस चौक, गुड़मंडी, सराय फाटक, वीर विनय चौराहा व चंद्रशेखर आजाद पार्क तिराहा होते हुए नार्मल स्कूल के निकट स्थित कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ।
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ताजिया, अलम व रौजा देखने को जुटी भीड़
-नगर के बलुहा, गदुरहवा, नई बस्ती, पुरैनिया तालाब, यतीमखाना, सरायफाटक, कस्बा, नहर बालागंज, पहलवारा व कोटिया आदि मोहल्लाें में आकर्षक ताजिया, अलम व धार्मिक स्थलों का रौजा देखने के लिए पूरी रात अकीदतमंदों की भीड़ जुटी रही। मोहल्ला बलुहा में कर्बला शरीफ का रौजा, गदुरहवा में बाबा हुरमतशाह के आस्ताने का रौजा, गोविंदबाग में इंडोनेशिया की मस्जिद का रौजा लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।
सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम
-मुहर्रम जुलूस के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। ड्रोन कैमरों से जुलूस की निगरानी करने के साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव व योगेश कुमार ने क्षेत्राधिकारी के साथ सभी प्रभारी निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।