गोंडा। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के कारण कई जिलों में जाम की समस्या उत्पन्न हो गई है। जाम का असर अब गोंडा में भी दिखाई देने लगा है। प्रयागराज की तरफ से आने वाली मौरंग, गिट्टी सहित अन्य निर्माण सामग्री की आपूर्ति पर ब्रेक लग गया है। इससे यहां निर्माण कार्य बंद हो गए हैं। घर बनाने से लेकर सड़कों की मरम्मत का कार्य भी ठप हो गया है।
प्रयागराज और उससे सटे जिलों में जाम से सिर्फ यात्री ही नहीं, निर्माण कार्य करा रहे लोग भी प्रभावित हैं। लोक निर्माण विभाग में जिन सड़कों की मरम्मत का कार्य चल रहा था, वह बंद हो गया है। जो नए कार्य स्वीकृत हुए हैं, वह निर्माण सामग्री की कमी के कारण शुरू नहीं हो पाए हैं। जिम्मेदार अब महाकुंभ संपन्न होने का इंतजार कर रहे हैं।
सिविल लाइंस में बिजली दफ्तर जाने वाले मार्ग पर नगर पालिका की ओर से वेंडिंग जोन का निर्माण कराया जा रहा था। गिट्टी व मौरंग खत्म होने की वजह से यहां काम बंद हो गया है। पंतनगर चौराहे पर भवन निर्माण सामग्री की दुकान चलाने वाले विश्वजीत शुक्ल ने बताया कि कौशांबी से मौरंग आती है। मगर महाकुंभ के चलते हाईवे पर जाम के चलते करीब एक माह से मौरंग की आपूर्ति प्रभावित है। 15 दिन से तो मौरंग व गिट्टी बिल्कुल नहीं आई।जो ट्रांसपोर्टर दूरदराज से माल भेज रहे हैं, वह महंगा दे रहे हैं। इससे लोगों पर महंगाई का बोझ पड़ रहा है।
62 रुपये फिट की मौरंग 72 की हुई, गिट्टी भी महंगी
निर्माण सामग्री के दुकानदारों की मानें तो एक से डेढ़ माह पहले 62 रुपये फिट के रेट से मौरंग की गाड़ी आ रही थी, अब इसका रेट 72 रुपये हो गया है। इसी तरह गिट्टी के दाम भी बढ़े हैं। गिट्टी 100 से 150 रुपये प्रति टन तक महंगी हुई है। दुकानदारों के मुताबिक जो गाड़ी जरवल से सीधे गोंडा आती है, उसे बहराइच होकर लौटना पड़ रहा है। 60 से 70 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगने से भी रेट बढ़े हैं।
नए कार्यों की शुरुआत में अड़ंगा
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता प्रिंस मल्ल का कहना है कि निर्माण सामग्री की आपूर्ति बंद होने से छोटे कार्यों पर ज्यादा असर पड़ा है। जिन कार्यों की हाल ही में स्वीकृति मिली है, उन पर अड़ंगा लग गया है। सड़कों की मरम्मत का काम तो एकदम बंद है। पहले से जो ठेकेदार निर्माण सामग्री एकत्र किए हैं, केवल वही काम करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के समापन के बाद ही निर्माण कार्य सुचारू रूप से शुरू हो पाएंगे।
बजट के लैप्स होने की आशंका
ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शिव बहादुर पांडेय का कहना है कि सामग्री की आपूर्ति नहीं होने से निर्माण कार्य प्रभावित हैं। सड़कों की मरम्मत का कार्य रुक गया है। शंकरगढ़ से बोल्डर आते थे। प्रयागराज रूट पर जाम की वजह से बोल्डर की आपूर्ति ठप है। अधिकांश निर्माण कार्य बाधित हैं। शिव बहादुर पांडेय ने कहा, सरकारी विभागों में 31 मार्च तक बजट खपाना रहता है। कार्य हो नहीं रहे हैं। ऐसे में बजट लैप्स होने की आशंका बढ़ गई है। बजट होने के बाद भी काम न होने से सभी परेशान हैं।