पिता मो. जहीन खां ने बताया कि महविश खानम ने 12 नवंबर 2024 को दाखिला लिया था। यहां एक साल से रह रही थी। प्रतिदिन हम सभी से बात करती थी। रविवार रात भी बात हुई थी। उसने कुछ नहीं बताया। कुछ सामान लाने के लिए कहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटी को मारा गया है। उनके साथ आए अन्य परिजन भी इसको लेकर गमगीन नजर आए।
पुलिस ने आवाजाही पर लगाई रोक
फोरेंसिक टीम के साथ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिसर को खाली कराते हुए बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी। पुलिस ने यह भी नहीं बताया कि कमरे से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं। छात्रा के फोन की जांच में क्या निकला, कमरे में रहने वाली अन्य छात्राओं से बातचीत में क्या इनपुट मिला, इन तमाम सवालों पर पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे रहे।
मैं कॉलेज में था। शाम करीब 5.11 बजे स्टॉफ ने सूचना दी कि महविश दीवार से सटी हुई है। अंदर से दरवाजा बंद है। पुलिस ने पहुंचकर जांच की है। पिता के आरोपों की जानकारी नहीं है। मुझे भी पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
धीरज दूबे, प्रशासक, एससीपीएम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल गोंडा