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दूर होगा ड्यूटी का तनाव, योग से सुधारी जाएगी पुलिसकर्मियों की सेहत

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गोंडा। पुलिस महकमे में ड्यूटी के बोझ से पुलिसकर्मी तनाव में रहते हैं। पिकेट व गश्त के बाद जब वह बैरक व आवास यह सोचकर पहुंचते हैं कि अब उन्हें आराम करने को मिलेगा। मगर उसमें खलल पड़ जाती है। अक्सर ऐसे समय ही पुलिसकर्मियों को लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के लिए बुला लिया जाता है। जिससे वह तनाव में रहते हैँ। अब डीआईजी ने पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त करने के साथ ही उनकी सेहत को सुधारने के लिए योग कराने की तैयारी की है। देवीपाटन मंडल के चारो जनपदों के पुलिस कार्यालयों व थानों में अब हर रोज एक घंटे योग की क्लास चलाई जाएगी।
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जिले के पुलिस कर्मियों पर 34 लाख आबादी के लोगों के सुरक्षा की जिम्मेदारी है। जिले में अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने के लिए जहां 17 थानों की पुलिस काम कर रही है। वहीं महिला की सुरक्षा और समस्याओं के निस्तारण के लिए पुलिस लाइंस में महिला थाना बनाया गया है। यहां महिलाएं अपनी समस्या लेकर आती हैं। यहां महिला दरोगा के साथ ही महिला सिपाही उनकी समस्या का निराकरण करती हैं। इसके अलावा 17 थानों में महिला हेल्प डेस्क खोला गया है। यहां भी महिलाओं की समस्याओं का निराकरण किया जाता है। मगर लोगों की समस्याओं का निराकरण करने वाले पुलिसकर्मी काम के बोझ से तनाव में रहते हैं। पुलिस कर्मियों को तनावमुक्त करने के साथ ही उनके सेहत सुधारने के लिए डीआईजी देवीपाटन मंडल ने योग कराने की तैयारी की है। मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती जनपद के पुलिस कार्यालयों व थानों में अब हर रोज एक घंटे योग क्लास चलाई जाएगी। पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक से योग कराया जाएगा। इसके लिए डीआईजी ने मंडल के चारो पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं।
ड्यूटी रोस्टर तो बना, पर गैरहाजिरी से बिगड़ता है रोस्टर
पुलिस कर्मियों की ड्यूटी को लेकर जनपद के 18 थानों में ड्यूटी रोस्टर बनाया गया है। पिकेट और गश्त ड्यूटी रोस्टर के हिसाब से ही लगाई जाती है। पहले सप्ताह में जिन सिपाहियों की नाइट पिकेट व गश्त होती है। उन्हें दूसरे सप्ताह में बदलकर उनके स्थान पर दूसरे सिपाहियों को लगाया जाता है। यह रोटेशन हर एक सप्ताह में बदलता रहता है, लेकिन इसी दौरान सिपाहियों को अवकाश भी दिया जाता है। समस्या तब आती है जब अवकाश पर गया सिपाही समय से ड्यूटी पर नहीं पहुंचता है और गैर हाजिर हो जाता है। जिससे एक दिन पहले पिकेट व गश्त करके लौटे सिपाहियों को दोबारा भी ड्यूटी पर लगाना पड़ता है।
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इनकी ड्यूटी का समय निश्चित
पुलिस कार्यालय में तैनात मिनिस्टीरियल स्टाफ के साथ ही सिपाही-दीवान की ड्यूटी का समय निशित है। यहां तैनात पुलिसकर्मी सुबह नौ बजे कार्यालय पहुंचते हैं। काम निपटाने के बाद शाम पांच बजे वे अपने आवास चले जाते हैं। विशेष परिस्थियों में निर्धारित समय के अतिरिक्त भी उन्हें शासकीय कार्य करना पड़ता है। कई शाखाओं में तो कर्मचारी कम है और काम ज्यादा है। मसलन एक पटल पर कर्मचारी की क्षमता से कई गुना ज्यादा जांचें है। इसलिए उसके निस्तारण में कर्मचारियों को निर्धारित समय से ज्यादा काम करना पड़ता है।
कैम्प कार्यालय के मिनिस्टीरियल स्टाफ से लेकर सभी कर्मचारी हर रोज शाम छह बजे से सात बजे तक एक घंटे योग करते हैं। इससे वे बीमारी से तो दूर हैं। एक घंटे की योग क्लास में उन्हें प्रणायाम का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे कर्मचारियों की सेहत भी बरकरार रहती है। -डॉ. राकेश सिंह, डीआईजी देवीपाटन मंडल
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