गोंडा। जिले में आई तेज आंधी और बारिश ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। धानेपुर, मेहनौन और मनकापुर जैसे क्षेत्रों के सैकड़ों गांव अब भी अंधेरे में डूबे हुए हैं।
बिजली गुल होने से लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिजली न होने से नलकूप और मोटर नहीं चल पा रहे हैं, जिससे पानी की किल्लत हो गई है। घरों के इन्वर्टर ठप हो गए हैं और मोबाइल चार्ज न होने से लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क करना मुश्किल हो रहा है। बारिश के बाद अंधेरे में जहरीले जीव-जंतुओं (सांप-बिच्छू) का खतरा बढ़ गया है, जिससे लोग डरे हुए हैं।
क्षेत्रीय उपभोक्ता धानेपुर क्षेत्र के रोहित तिवारी ने बताया कि बुधवार सुबह से ही बिजली गायब है। विभाग के कर्मचारी लाइन ठीक करने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन नुकसान इतना ज्यादा है कि स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है। स्थिति का जायजा लेने के लिए देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने धानेपुर और मेहनौन क्षेत्रों का दौरा किया।
उन्होंने बताया कि आंधी-बारिश की वजह से बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। मरम्मत के काम में विभागीय कर्मचारियों के साथ-साथ निजी ठेकेदारों को भी लगाया गया है ताकि जल्द से जल्द आपूर्ति शुरू की जा सके। हालांकि, प्रयासों के बावजूद देर शाम तक मेहनौन जैसे कई उपकेंद्रों से बिजली की सप्लाई शुरू नहीं की जा सकी थी।