गोंडा। जरवल-फरेंदा राज्यमार्ग पर जरवल से गोंडा तक फोर लेन सड़क का निर्माण तो हो गया लेकिन इस मार्ग पर सरयू व टेढ़ी नदी पर बने टू लेन पुल की वजह से इस मार्ग पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। राज्यमार्ग पर किलोमीटर 221 पर दो करनैलगंज स्थित सरयू नदी पर दो लेन का पुल बना है। यह पुल 58 साल पहले बनाया गया था। पुल इतना पुराना हो चुका है कि हर साल इसमें दरार आ जाती है।
जरवल-गोंडा के मध्य 42 किलोमीटर फोर लेन सड़क बनकर तैयार है। सड़क पर करनैलगंज स्थित सरयू नदी पर बने पुल व बालपुर स्थित टेढ़ी नदी पर बने टू लेन पुल की जगह फोर लेन पुल निर्माण के लिए नवंबर 2019 में डीएम ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। दिसंबर माह में आयुक्त देवीपाटन मंडल ने भी प्रस्ताव भेजा था। शासन ने दोनों अधिकारियों से आंगणन तैयार कराकर भेजने का निर्देश दिया था।
शासन के निर्देश पर सरयू नदी पर बने पुराने पुल की जगह फोर लेन पुल निर्माण के लिए 33.18 करोड़ तथा टेढ़ी नदी पर बने पुल के बगल टू लेन पुल निर्माण के लिए 50 लाख रुपए से अधिक का आगणन भेजा था। नवंबर 2019 में डीएम नितिन बंसल ने तत्कालीन प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नितिन रमेश गोकर्ण को पत्र लिखकर सरयू पर फोर लेन पुल निर्माण कराए जाने के लिए पत्र लिखा था। डीएम ने लोक निर्माण विभाग को आगाह किया था कि पुल पुराना और जर्जर है। इसलिए पुल का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।
इस पर प्रमुख सचिव व महाप्रबंधक सेत निगम ने सेतु निर्माण निगम इकाई फैजाबाद के उप परियोजना प्रबंधक को आगणन तैयार कर भेजने का निर्देश दिया था। दिसंबर 2019 में सांसद कैसरगंज बृजभूषण शरण सिंह व करनैलगंज विधायक अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भइया के पत्र पर आयुक्त देवीपाटन मंडल महेंद्र कुमार ने डीपीएम सेतु निगम से पूरा ब्यौरा तलब किया था। इस पर उप परियोजना प्रबंधक ने अनुमानित लागत की आख्या बनाकर कमिश्नर को भेज दिया था।
सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक की आख्या के अनुसार बालपुर में टेढ़ी नदी पर टू लेन का पुल बना है और बगल में एक टू लेन पुल का निर्माण आवश्यक बताया गया। इसी तरह करनैलगंज सरयू नदी पर बने जर्जर पुल की जगह पर 33.18 करोड़ की लागत से फोर लेन सड़क के निर्माण की जरूरत बताते हुए आख्या भेजी। लेकिन आख्या भेजने के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने शासन के निर्देश के बावजूद आगणन नहीं भेजा।
आठ साल में पांच बार पुल में आई दरार
58 साल पुराने पुल में बीते आठ साल में पांच बार दरारें आई हैं। एक साल पहले पुल के बीचोबीच में दरार आने से दो दिनों तक यात्रा प्रभावित थी। अभी एक सप्ताह पहले भी पुल में दरार आने से समस्या उत्पन्न हो गई थी। लेकिन लोक निर्माण विभाग पुल की जर्जर अवस्था को अस्थाई रूप से दुरुस्त कर पुल पर से आवागमन कराते रहे।
100 टन तक वजन लेकर गुजरते हैं वाहन
पुल की जर्जर अवस्था के कारण पुल पर आवागमन पर रोक तो नहीं लगाई गई है लेकिन पुराना व जर्जर होने के चलते लोडिंग वाहन गुजरते समय बहुत ही धीरे से वाहन को निकालते हैं। इस पुल पर मौजूदा समय में भी छोटे से लेकर बड़े व भारी लोडिंग वाहन गुजरते हैं, जिन पर सौ टन तक माल लदा होता है। आसपास खड़े होने पर वाहन गुजरते समय खतरा महसूस किया जा सकता है।
पुल के पास पहुंचते ही लग जाता है जाम
चार लेन सड़क पर पुराने टू लेन पुल पर पहुंचते ही वाहनों को अपनी स्पीड कम करनी होती है। वाहनों की स्पीड कम करने के साथ यहां पर अक्सर जाम भी लग जाता है। पुल के दोनों छोर तक चार लेन सड़क है जिससे खतरा भी बना हुआ है। खास कर रात में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों को रोकने के लिए संकेत भी लगाए गए हैं।
चार लेन पुल निर्माण के लिए लिखा गया है पत्र
करनैलगंज सरयू का पुल पुराना है और चार लेन सड़क बन जाने से सरयू नदी पर करीब 50 मीटर चार लेन पुल तथा बालपुर के पास टेढ़ी नदी पर एक अलग से टू लेन पुल निर्माण के लिए पत्र लिखा गया है। सेतु निगम से आगणन तैयार कर भेजने का भी निर्देश दिया गया था। इस बाबत सेतु निगम से रिपोर्ट तलब की जाएगी। -डॉ. नितिन बंसल, डीएम गोंडा