बांध के पास कटान कर रही सरयू नदी।
करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का पानी तटबंध से सटकर बहने लगा है, जिससे बांध की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। शुक्रवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.130 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से छह सेमी अधिक था। शाम चार बजे जलस्तर बढ़कर 106.15 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जलस्तर में फिलहाल गिरावट का रुझान है, लेकिन मैदानी इलाकों में भी नदी का पानी तेजी से फैल रहा है और बांध के भीतर बसे गांवों की ओर बढ़ रहा है। जलस्तर में करीब एक फुट और वृद्धि होने पर बाराबंकी जिले के मांझा रायपुर, बेहटा, पारा और परसावल गांवों में पानी घुसने की आशंका है। चंदापुर-किटौली के पांच मजरे भी पानी से घिरने लगे हैं, जबकि नकहरा की ओर भी पानी का रुख हो गया है। फिलहाल आबादी सुरक्षित है, लेकिन ग्रामीण लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
शुक्रवार सुबह नदी में कुल 2.57 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें गिरिजा बैराज से 1,23,073 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,31,337 क्यूसेक और सरयू बैराज से 3,515 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने तटवर्ती गांवों में निगरानी बढ़ा दी है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी कर ली है।
ग्राम बहुवन मदार मांझा और चंदापुर-किटौली के पास बने पांच स्परों से नदी की धारा टकरा रही है। बहुवन मदार मांझा के सामने नदी और तटबंध के बीच अब महज 60 मीटर की दूरी बची है। सिंचाई विभाग का कहना है कि फिलहाल बांध सुरक्षित है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि नदी खतरे के निशान से कुछ ऊपर बह रही है, लेकिन तटबंध को फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं है। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।