करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर बह रही है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। एल्गिन ब्रिज पर शनिवार दोपहर 12 बजे नदी का जलस्तर 106.19 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 106.07 मीटर है। हालांकि बैराजों से नदी में छोड़े जा रहे पानी में कुछ कमी आई है। इससे आने वाले समय में जलस्तर में गिरावट की उम्मीद है। इधर, ग्राम बहुवन मदार मांझा के पास सरयू बांध से सटकर बह रही है। फिलहाल कटान न होने से बाढ़ खंड के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
शुक्रवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.18 मीटर था, जो खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर अधिक था। रात आठ बजे यह मामूली घटकर 106.170 मीटर हुआ। शनिवार सुबह आठ बजे तक जलस्तर इसी स्तर पर बना रहा। दोपहर 12 बजे जलस्तर बढ़कर 106.19 मीटर पहुंच गया।
घटने लगा बैराजों से पानी का डिस्चार्ज
शनिवार दोपहर 12 बजे सरयू में कुल डिस्चार्ज घटकर 2,82,636 क्यूसेक रह गया। इसमें गिरिजा बैराज से 1,34,435, शारदा बैराज से 1,46,172 और सरयू बैराज से 2,029 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। अयोध्या में नदी का जलस्तर 92.620 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से नीचे है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि सरयू का जलस्तर अभी खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन डिस्चार्ज में कमी आ रही है।
कटान थमी तो मिली राहत
विश्नोहरपुर। सरयू के बढ़े जलस्तर से माझा क्षेत्र में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार को दत्तनगर, व्योंदा माझा, साखीपुर, गोकुला, माझाराठ और दुर्गागंज के करीब एक दर्जन मजरों के खेत पानी से लबालब हैं। पशुओं के चारे के साथ आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ। हालांकि शनिवार सुबह से नदी का जलस्तर घटने लगा तो ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। प्रभावित मजरों में नावों का इंतजाम भी कराया गया है।