स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (एचएफडब्लू) विभाग ने सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों सहित हर प्रकार के स्वास्थ्य कर्मियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति तय करने के लिए मानव सम्पदा नाम का एक साफ्टवेयर तैयार किया है।
जिसमें डाक्टर से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक की पूरी डिटेल अपलोड की जानी है। बावजूद इसके इस साफ्टवेयर पर अभी तक जिले की कई सीएचसी-पीएचसी में कार्यरत कर्मियों की डिटेल अपलोड नहीं हो पाई है।
जिसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने करीब 128 डाक्टरों समेत एक हजार स्वास्थ्य कर्मियों की सैलरी पर रोक लगा दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (एचएफडब्लू) की यह पहल डाक्टरों के लिए किसी बिन बुलाई आफत की तरह है।
क्योंकि मानव सम्पदा नाम के जिस साफ्टवेयर पर डाक्टर से लेकर स्वास्थ्य विभाग के सारे कर्मचारियों की डिटेल अपलोड की जानी है, उसमें साफ्टवेयर को थंब और कार्निया इंप्रेशन से भी जोड़ा गया है।
अभी तक स्वास्थ्य कर्मी उपस्थिति रजिस्टर मे हेरफेर करके बिना ड्यूटी पर आए ही पगार उठा लिया करते थे। लेकिन नए साफ्टवेयर अपलोडिंग में सारी डिटेल अपलोड होने के बाद अब वह ऐसा नहीं कर पाएंगे। न ही अधिकारियों से उनकी मिलीभगत ही काम आ सकेगी।
स्वास्थ्यकर्मियों की अक्सर ड्यूटी से गायब रहने की करतूतों के मद्देनजर एचएफडब्लू ने मानव सम्पदा नाम का ऐसा साफ्टवेयर बनाया है। जिसके तहत हरेक स्वास्थ्य कर्मी की पूरी डिटेल मसलन उसका नाम, पता, आधार कार्ड, पैन, मोबाइल नम्बर, सर्विस का ब्यौरा, वेतन कोड नम्बर, परिवार का पूरा विवरण आदि जानकारियां दर्ज की जानी है।
जिसकी पूरी डिटेल हर सीएचसी-पीएचसी में कार्यरत डाक्टरों से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक को मानव सम्पदा नामक साफ्टवेयर पर दर्ज कराए जाने के निर्देश भी ऊपर से दिए जा चुके हैं। यही नहीं जनवरी 2017 का वेतन भी शत-प्रतिशत कर्मचारियों की डिटेल साफ्टवेयर पर अपलोड हो जाने के बाद ही मिलेगी, यह भी पहले से बताया जा चुका है।
बाजवजूद इसके कई कर्मियों ने अभी तक अपनी डिटेल साफ्टवेयर पर अपलोड नहीं करवाई हैं। जिससे शासन ने जिले मे तैनात एक हजार से ऊपर स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन साफ्टवेयर अपलोडिंग की प्रक्रिया पूरी होने तक लिए रोक दिया है।