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स्कूल में कमरे की छत भरभरा कर ढही

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गोंडा। शहर के कंपोजिट स्कूल मालवीय नगर का एक हिस्सा शनिवार को अचानक भरभराकर ढह गया। इससे स्कूल की दूसरी कक्षाओं में पढ़ रहे बच्चे सहम गये। हालांकि स्कूल का जो हिस्सा गिरा, वह जर्जर था। इसके चलते बच्चों को दूसरी कक्षाओं में बैठाया जा रहा था। हादसे से किसी बच्चे को कोई नुकसान नहीं हुआ है। मगर शिक्षा विभाग अब कंपोजिट स्कूल मालवीय नगर के बच्चों को किसी अन्य स्कूल में संबद्ध करने की तैयारी कर रहा है।
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बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। स्कूल के बच्चों को दूसरे स्कूल भवन में पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि कंपोजिट स्कूल मालवीय नगर का भवन काफी जर्जर है और जर्जर भवनों की सूची में है। जल्द ही इसे पूरी तरह से ढहाने की व्यवस्था कराई जा रही है।
शहरी क्षेत्र के स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प से कार्य नहीं हो पाए थे। इससे शहरी स्कूलों की स्थिति काफी जर्जर है। इसी में कंपोजिट स्कूल मालवीय नगर भी शामिल है। इस स्कूल में कक्षा एक से आठ तक सौ से अधिक बच्चे नामांकित हैं। भवन जर्जर होने से बच्चों को दूसरी कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाने की व्यवस्था कराई गई थी। कंपोजिट स्कूल मालवीयनगर में छत पर भी कमरे बने हैं, जिनमें बच्चे पढ़ते हैं।
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इसी भवन के एक कमरे की छत शनिवार सुबह अचानक भरभराकर ढह गई। इस छत के जर्जर होने की जानकारी स्कूल के शिक्षकों को पहले से थी। इसके चलते बच्चों को उधर जाने की सख्त मनाही थी। ऐसे में छत ढहने से बच्चों को कोई नुकसान तो नहीं हुआ मगर वो सहम गये हैं। शिक्षा विभाग ने अब पूरे भवन को ही छोड़ने की तैयारी कर ली है। ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
वहीं, कंपोजिट स्कूल मालवीय नगर को ढहाने की प्रक्रिया भी विभाग ने शुरू कर दी है। बीएसए ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जिला समन्वयक निर्माण बृजभूषण मिश्र से स्कूल भवन के ढहाने की प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया है। इसके साथ ही नगर शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है।
नगर क्षेत्र के स्कूलों का कायाकल्प कराने की जिम्मेदारी नगर पालिका को सौंपी गई थी। मगर नगर पालिका प्रशासन ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। ये अलग बात है कि नगर पालिका गोंडा ने नपाप द्वारा संचालित स्कूल पर 25 लाख बजट खर्च करके संवारने की पहल की, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में रुचि नहीं दिखाई। इससे ऑपरेशन कायाकल्प से शहरी स्कूलों का उद्धार नहीं हो सका। जिससे मालवीयनगर स्कूल को भी सुधारने की प्रक्रिया नहीं हो सकी। इसी के चलते जर्जर होने के कारण स्कूल का एक हिस्सा शनिवार को ढह गया।
बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूल भवन का एक हिस्सा गिरा है, मगर सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। स्कूल भवन जर्जर की सूची में शामिल है और पढ़ाई भी दूसरे कक्षों में ही कराई जा रही थी। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
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