सकरन। ग्राम पंचायत बसैहिया कोठार के मजरा सीताराम पुरवा में दो माह पूर्व इंटरलॉकिंग से बनी सड़क भुगतान से पहले ही धंस गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने ब्लॉक के अधिकारियों से इस विकास कार्य को श्रमदान घोषित करने की मांग की है।
सीताराम पुरवा में बकरीदी के घर से मुख्य सड़क तक करीब दो सौ मीटर इंटरलॉकिंग मार्ग का निर्माण दस लाख रुपये से हुआ है। यह काम मनरेगा मद से करवाया गया था। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम प्रधान व सचिव ने मार्ग का निर्माण खुद न कराकर इसे ठेके पर देकर ठेकेदारों से निर्माण करवाया है। निर्माण के दौरान पहले से लगे खडं़जे को खोदवाकर उस पर मिट्टी पटान कर बिना रोड़ा व बजड़ी डाले ही इंटरलॉकिंग लगवा दी गई।
मार्ग के दोनों ओर खड़ंजे की पुरानी ईंटों से एजिंग का निर्माण कराया गया। इसके बाद मार्ग की एमबी करवाकर फाइल को भुगतान की प्रक्रिया में लगा दिया गया। मार्ग जगह-जगह से टूटकर धंस गया। ग्रामीण असलम, फैज अली, बकरीदी, सलीम, नरेश व अन्य ने डीएम को शिकायती पत्र भेजा है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर मानक विहीन मार्ग का भुगतान रोकने व इस कार्य को श्रमदान घोषित करने की मांग की है। एपीओ विकास श्रीवास्तव ने बताया कि मानक विहीन निर्माण की शिकायत मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।