जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अपने ही स्कूलों के विलय के आदेश में उलझ गए हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है। उन्हें एक से दूसरे स्कूल दौड़ाया जा रहा है। इससे शिक्षक व अभिभावक भी परेशान हैं। आरोप है कि सोमवार को जारी हुई विलय हुए सौ विद्यालयों की सूची में भी सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का ध्यान नहीं दिया गया। तरबगंज विधायक प्रेम नरायन पांडेय की ओर से बीते 20 जुलाई को बीएसए को लिखे गए पत्र से विभाग की लापरवाही का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
विधायक ने पत्र के माध्यम से बताया कि तरबगंज के प्राथमिक विद्यालय गभौरा में 53 बच्चे पंजीकृत हैं। यही नहीं, प्राथमिक विद्यालय गुलाब सिंह हाता में 52 और उच्च प्राथमिक विद्यालय चौबेपुर में 54 बच्चे नामांकित हैं। दोनों विद्यालय के दो किलोमीटर के दायरे में कोई सरकारी स्कूल नहीं है। ऐसे में इन स्कूलों को छात्र हित में विलय किया जाना उचित नहीं है। इन्हें पेयरिंग व मर्जर सूची से बाहर किया जाए। मगर सोमवार को विभाग की ओर से विलय किए गए 100 स्कूलों की सूची में गभौरा को प्राथमिक विद्यालय करौरा, गुलाब सिंह हाता को प्राथमिक विद्यालय रानीपुर खोझवा और चौबेपुर के कंपोजिट विद्यालय बहेरवा रानीपुर में विलय कर दिया गया। ये तो महज बानगी भर है। इसी तरह अन्य शिक्षा क्षेत्रों में दूरी व बच्चों की असुविधा की अनदेखी करते हुए स्कूलों का विलय कर दिया गया।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी का कहना है कि अधिकारियों को सरकार के विलय के आदेश को गंभीरता से लेना चाहिए। मगर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
18 से शुरू होगी सत्र परीक्षा
शिक्षकों का कहना है कि आगामी 18 अगस्त से परिषदीय विद्यालयों में सत्र परीक्षा शुरू हो रही है। मगर अभी विभाग के अधिकारी न पेयरिंग की प्रक्रिया पूरी कर सके और न ही शिक्षकों के स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी हो पाई। इससे न सिर्फ शिक्षक परेशान हैं, बल्कि बच्चों का पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है।
11 का प्रस्ताव, दो ही आदेश हुए निरस्त
बीईओ तरबगंज रियाज अहमद ने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग, दूरी, छात्र संख्या को देखते हुए 11 स्कूलों का विलय आदेश निरस्त करने के लिए बीएसए से अनुरोध किया गया। मगर विलय स्कूलों के सिर्फ दो आदेश ही निरस्त हो सके। अनुरोध के बावजूद संबंधित विद्यालय विलय सूची में कैसे शामिल हो गए? इसकी जानकारी नहीं है। पता लगाया जा रहा है।
मानकों को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के विलय की सूची जारी की गई है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिक विद्यालय को एक किलोमीटर की परिधि के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय को तीन किलोमीटर के दायरे के उच्च प्राथमिक विद्यालय में विलय किया गया है। संबंधित विद्यालयों की जांच कराकर विलय आदेश को रद्द किया जाएगा।
अतुल कुमार तिवारी, बीएसए