गोंडा। बीते दिनों हुई बारिश से मिली राहत को उमस की नजर लग गई। शनिवार को मौसम ने फिर तीखे तेवर दिखाए। सुबह आठ बजे से ही तेज धूप निकलने लगी और दिन चढ़ने के साथ गर्मी व उमस ने हाल बेहाल कर दिया। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दोपहर में जो लोग जरूरी काम से निकले, वे धूप से बचने के लिए गमछे, टोपी और छाते का सहारा लेते नजर आए। बारिश के बाद बढ़ी नमी और तेज धूप के कारण उमस बढ़ गई। इससे पंखे व कूलर सुकून नहीं दे पा रहे थे। घरों के भीतर भी राहत नहीं मिल रही थी। बाजार में दोपहर के समय सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम रही।
गर्मी के बीच शुक्रवार रात बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। सुभागपुर फीडर के तहत इंद्रापुर, भटवलिया, तुरकौलिया, तुर्काडीहा, लालचंदपुरवा, पंडरीकृपाल और संदेशवा समेत दर्जनों गांवों में रात करीब एक बजे बिजली आई, लेकिन तीन बजे फिर आपूर्ति बंद हो गई। लोगों की रात टहलते हुए बीती।
तापमान बढ़ते ही सब्जियों में झुलसा रोग का बढ़ा खतरा
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने बताया कि बारिश के बाद अचानक तापमान बढ़ने और वातावरण में नमी रहने से सब्जियों में फफूंद व झुलसा रोग फैलने की आशंका बढ़ जाती है। किसान खेतों में जलभराव न होने दें। यदि खेत में पानी नहीं भरा है तो हल्की गुड़ाई करें। कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए नीम आधारित जैविक दवाओं या नीम के तेल का छिड़काव लाभदायक रहेगा। समय पर निगरानी रखने से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
ऐसे करें बचाव
दोपहर 11 से तीन बजे तक धूप में निकलने से बचें।
पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस का सेवन करें।
हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
खेतों में सुबह या शाम के समय ही काम करें।
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
पिछले एक सप्ताह में मौसम का हाल