मनकापुर (गोंडा)। उप डाकघर मनकापुर में एमआईएस (मंथली इनकम स्कीम) के तहत जमा कराए गए 3.5 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने तत्कालीन डाक सहायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का आरोप है कि उसने बेटी के भविष्य के लिए चार लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन केवल 50 हजार की ही रसीद और पासबुक दी गई। शेष रकम का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
मनकापुर के ग्राम दिनकरपुर निवासी अंचल कुमार शुक्ल ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि उन्होंने 17 जनवरी 2025 को पुत्री के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उप डाकघर मनकापुर में एमआईएस योजना के अंतर्गत चार लाख रुपये जमा किए थे। उस समय डाक सहायक पद पर तैनात विक्रांत दुबे ने रकम प्राप्त कर मुहर लगी हस्ताक्षरयुक्त रसीद दी और कहा कि कंप्यूटर से जारी रसीद व पासबुक प्रधान डाकघर से आने के बाद उपलब्ध कराई जाएगी।
पीड़ित के अनुसार आठ फरवरी को जब वह दोबारा डाकघर पहुंचे तो केवल 50 हजार रुपये जमा होने की कंप्यूटराइज्ड रसीद और पासबुक दी गई। शेष 3.5 लाख रुपये की रसीद और पासबुक बाद में देने की बात कहकर टाल दिया गया।
आरोप है कि आठ मई को फिर डाकघर पहुंचने पर जानकारी मिली कि डाक सहायक विक्रांत दुबे न केवल उनके 3.5 लाख रुपये, बल्कि अन्य ग्राहकों के भी लाखों रुपये लेकर भाग गया है। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली।
थानाध्यक्ष गौरव सिंह तोमर ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।