गोंडा। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी जिले की 1192 ग्राम पंचायतों के वर्तमान प्रधान ही बतौर प्रशासन काम काज संभालें रहेंगे। पंचायत चुनाव न होने के कारण मुख्यमंत्री स्तर से प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किए जाने का निर्देश दिया है। इसे लेकर प्रधान संघ ने प्रसन्नता जताई है।
वर्ष 2021 में गठित ग्राम पंचायतों का कार्यकाल मंगलवार रात 26 मई 2026 को रात 12 बजे समाप्त हो रहा है। नई ग्राम पंचायतों के गठन तक प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित जिलाधिकारियों को वर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक नामित करने का अधिकार दिया गया है। हालांकि प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे प्रधान कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। केवल सामान्य और नियमित कार्यों का संचालन ही करेंगे। विशेष परिस्थितियों में नीतिगत प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी की स्वीकृति से ही कराए जा सकेंगे।
जिले में भी मंगलवार को 16 ब्लॉकों की 1192 ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। पंचायत चुनाव की घोषणा न होने से दिन भर प्रधानों की नजर शासन स्तर से आने वाले फैसले पर टिकी रही। शाम को शासनादेश जारी होने के बाद प्रधानों में खुशी का माहौल दिखा और उन्होंने कई दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई भी दी।
जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दूबे ने बताया कि जिले के अधिकांश ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है, जबकि कुछ प्रधानों का कार्यकाल 19 जून तक रहेगा। शासन के आदेश के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। प्रधान संघ जिलाध्यक्ष उमापति त्रिपाठी ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गांवों में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी। उन्होंने इसे पंचायत व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय बताया।