जिले के जमथरा गांव के ग्राम प्रधान के साथ शनिवार को काफी पीते हुए जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने जहां प्रधान त्रियुगी नारायण दुबे से सवाल-जवाब करते हुए उनके गांव को विकास के पथ पर आगे ले जाने की योजना तैयार की तो वहीं अधिकारियों को सेवाभाव व आपसी तालमेल बनाकर लोगों के बीच काम करने के लिए प्रेरित किया।
परिचर्चा में डीएम ने ग्राम प्रधान व सरकारी कर्मियों को टीम भावना से आपसी तालमेल बनाकर जनता के लिए काम करने की सीख दी। इस दौरान ग्राम प्रधान ने गांव में जल निगम के जेई के कभी भी न आने की बात बताई।
इस पर डीएम ने एक्सईएन जल निगम को आदेश दिए कि वे ब्लॉकों में तैनात जेई के नाम व मोबाइल नंबर समाचार पत्रों के माध्यम से प्रकाशित कराएं, जिससे जन सामान्य व पेयजल की किसी भी समस्या के बारे में सीधे फोन पर अवगत करा सकें।
ग्राम प्रधान ने बताया कि ग्राम पंचायत के नौ मजरों में से मात्र एक ही मजरे में बिजली है। शेष आठ गांवों में बिजली अभी तक नहीं पहुंची है। इस पर डीएम ने एक्सईएन विद्युत को तत्काल कार्यवाही करने को कहा।
ग्राम प्रधान ने डीएम को बताया कि उनके गांव में स्वास्थ्य केंद्र पर किसी भी चिकित्सक की तैनाती नहीं है, जिससे लोगों को अपना इलाज कराने के लिए सीएचसी जाना होता है। इस पर उन्होंने जल्द ही चिकित्सक की तैनाती की बात कही। वहीं, ग्राम पंचायत में सहकारी भवन के जर्जर होने, चार चकमार्गों पर कब्जा होने की भी शिकायत प्रधान ने की।
इस पर डीएम ने प्रधान को पुलिस टीम को गांव ले जाकर सारे कब्जों को खाली करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि इस दौरान कोई विरोध या फिर किसी तरह की दबंगई करता है तो मौके पर ही उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।