गोंडा। रेलवे में काम कराने के नाम पर किसानों के ट्रैक्टर किराये पर लेकर दूसरे जिलों में बेचने वाले गिरोह का राजस्थान तक नेटवर्क फैला है। पुलिस की जांच में यूपी के छह जिलों व आगरा से सटे राजस्थान के भरतपुर व दौसा जिले में भी गिरोह के लोगों की संलिप्तता की पुष्टि हुई है।
तुलसीपुर माझा निवासी अनीश कुमार ने नवाबगंज में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उनका स्वराज ट्रैक्टर 23 अक्टूबर 2024 को प्रतापगढ़ निवासी दुर्गेश सिंह, अनूप सिंह, शक्ति सिंह और कुलदीप सिंह रेलवे में काम कराने के नाम पर 25 हजार रुपये मासिक किराये पर ले गए थे। आरोपियों ने तीन माह का अग्रिम किराया 75 हजार रुपये दिया और ट्रैक्टर के कागजात भी ले गए। बाद में न किराया दिया और न ही ट्रैक्टर लौटाया। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने तुलसीपुर माझा निवासी छोटू यादव, हृदयराम तथा अमेठी निवासी प्रभावती सहित कई लोगों के ट्रैक्टर भी किराये पर लेकर हड़प लिए।
पुलिस ने प्रतापगढ़ के थाना जेठवारा के पूरेवसावन निवासी कुलदीप सिंह, सुभाष चंद यादव निवासी जगतपुर खास थाना बेबर मैनपुरी, रामजी शर्मा निवासी ग्राम भदावल थाना छाता मथुरा और संदीप यादव निवासी घसीटेपुरवा थाना बड्डुपुर बाराबंकी को लखनऊ से गिरफ्तार कर पांच ट्रैक्टर बरामद किए थे।
एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि यूपी के छह जिलों के साथ ही आगरा से सटे राजस्थान के भरतपुर व दौसा जिले में भी गिरोह के लोग किसानों को रेलवे में काम के नाम पर ट्रैक्टर किराये पर लेकर तीन माह का 75 हजार रुपये किराया दे देते थे। वहां के कई किसानों के भी ट्रैक्टर हड़पे जाने की जानकारी मिली है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कई और नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है।