कटरा कुटीधाम में चूल्हे से पकाया जा रहा प्रसाद और धानेपुर में गैस सिलिंडर के लिए लगी उपभोक्ताओं
नवाबगंज/धानेपुर/करनैलगंज। रसोई गैस की किल्लत अब आम जनजीवन से निकलकर शिक्षा व धार्मिक व्यवस्थाओं पर सीधा असर डाल रही है। नवाबगंज के प्रसिद्ध कटराकुटी धाम में 10 वर्ष से निरंतर चल रहा भंडारा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं, परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का मिड-डे मील फिर से पारंपरिक चूल्हों पर पकने लगा है।
कटराकुटी धाम में एक दशक से श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन चलने वाला भंडारा शनिवार से स्थगित कर दिया गया। मंदिर के महंत स्वामी चिन्मयानंद महाराज ने बताया कि च दिन से रसोई गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में केवल भगवान के भोग के लिए लकड़ी के चूल्हे का सहारा लिया जा रहा है। कर्मचारियों के लिए लकड़ी व उपलों पर भोजन बन रहा है। मंदिर प्रबंधन ने स्थिति सामान्य होने तक सभी कार्यक्रमों को रोकने का निर्णय लिया है।
वहीं, परिषदीय विद्यालयों में 15 दिन से मिड-डे मील गैस सिलिंडर के स्थान पर लकड़ी के चूल्हे पर तैयार किया जा रहा है। इससे व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही अतिरिक्त श्रम और समय भी लग रहा है। धानेपुर में गैस एजेंसी पर शनिवार भोर चार बजे से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतार लग गई। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। एजेंसी संचालक बृजभूषण वर्मा ने बताया कि गैस उपलब्ध है, लेकिन उपभोक्ताओं की भीड़ के चलते वितरण में समय लग रहा है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला और पुरुषों की अलग-अलग लाइनें लगाई गई हैं।
करनैलगंज में भी स्थिति यही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग के बाद एक सप्ताह से 10 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि पहले तत्काल सिलिंडर मिल जाता था। एजेंसी संचालक अरुण अरोरा ने बताया कि कंपनी के नियमों के तहत ही गैस का वितरण किया जा रहा है और केवाईसी अनिवार्य है।
जल्द सामान्य होगी वितरण व्यवस्था
गैस सिलिंडर की कमी नहीं है। अचानक मांग बढ़ने से समस्या हुई है, जो जल्द ही सामान्य हो जाएगी। बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर दिया जा रहा है।
कुंवर दिनेश प्रताप सिंह, डीएसओ
कटरा कुटीधाम में चूल्हे से पकाया जा रहा प्रसाद और धानेपुर में गैस सिलिंडर के लिए लगी उपभोक्ताओं