गोंडा। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोंडा शाखा में हुए 21.47 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में विवेचक ने शाखा प्रबंधक से लोन से जुड़े अभिलेख तलब किए हैं। हालांकि तीन दिन बीतने के बावजूद शाखा प्रबंधक ने अभिलेख मुहैया नहीं कराए। इससे तफ्तीश की रफ्तार तेज नहीं हो पा रही है।
उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोंडा शाखा में वर्ष 2021 में बैंक के पांच आंतरिक खातों से अवैध तरीके से 45.13 लाख रुपये डेबिट करके विभिन्न खातों में ट्रांसफर करके बाद में निकालकर गबन किया गया था। वहीं, खाताधारकों की 2,101.65 लाख रुपये की धनराशि को विभिन्न बैंकिंग चैनलों के माध्यम से स्थानांतरित कर दुरुपयोग का भी मामला सामने आया है। इस तरह कुल 21 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपये के गबन की ऑडिट रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद नगर कोतवाली में तीन तत्कालीन शाखा प्रबंधक, सहायक कैशियर सहित 16 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, कूटरचना, विश्वासघात और बैंकिंग नियमों के उल्लंघन से संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विवेचक सभाजीत सिंह ने बताया कि शाखा प्रबंधक से ऑडिट रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति, किस आधार पर लोन स्वीकृत किए गए?, लोन स्वीकृत करने में आवेदक ने खतौनी समेत कौन-कौन से प्रपत्र लगाए? उनका सत्यापन कराया गया या नहीं?, लोन स्वीकृत करने से पहले बैंक के किस अधिकारी ने जांच की? इन बिंदुओं पर अभिलेखों के साथ रिपोर्ट मांगी गई है। ये अभिलेख अभी नहीं मिल सके हैं। अभिलेख मिलने पर ही तफ्तीश को रफ्तार मिलेगी।